करोड़ों के विकास कार्यों की फाइलें लंबित, भुगतान के लिए भी काट रहे चक्कर
सरपंच संघ की बैठक में अधिकारियों के समक्ष रखी समस्याएं, जल्द निराकरण का मिला आश्वासन
महासमुंद। जनपद पंचायत महासमुंद के मनरेगा सभागार में सोमवार को सरपंच संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के करीब 60 गांवों के सरपंचों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पंचायतों में विकास कार्यों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सरपंचों ने आरोप लगाया कि शासन की करोड़ों रुपये की योजनाओं से संबंधित कई विकास कार्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रभावित हो रहे हैं। विधायक द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों की फाइलें जिला एवं जनपद पंचायत कार्यालयों में कई महीनों से लंबित पड़ी हैं। इसके कारण स्वीकृत कार्यों को शुरू कराने में सरपंचों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सरपंचों ने बताया कि शिक्षा विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता विभाग, विधायक निधि, समग्र शिक्षा और मनरेगा से संबंधित कार्यों के भुगतान के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा जनपद पंचायत में सरपंचों से संबंधित कार्यों के लिए अलग ऑपरेटर और बाबू की व्यवस्था नहीं होने से होने वाली परेशानियों पर भी चर्चा की गई।
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने उक्त समस्याओं से जिला सीईओ एवं जनपद सीईओ को अवगत कराया। अधिकारियों ने समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
बैठक में सरपंच संघ अध्यक्ष दिनेश साहू, अध्यक्ष भारती साजन यादव, देवा नायक, मिथलेश सिन्हा, पवन साहू, ऋषि चौधरी, सरिता चूड़ामणि, डॉ. राकेश साहू, रूपा जयप्रकाश यादव, अजय मानिकपुरी सहित करीब 60 गांवों के सरपंच उपस्थित रहे।

