सुरक्षित बचपन अभियान-सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यार्थियों को दी गई पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों की अहम जानकारी
आरंग। सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल आरंग में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस दौरान छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा एवं लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में व्यवहार न्यायाधीश (आरंग) शिवेंद्र कुमार टेकाम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर की अधिकार मित्र श्रीमती राजेश्वरी जेरा एवं विधिक सेवा के अधिवक्ता ज्ञानेश बंजारे उपस्थित रहे।भयमुक्त वातावरण में शिक्षा और सम्मानजनक जीवन हर बच्चे का अधिकार: न्यायाधीश टेकाम
उपस्थित विधिक विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने और बिना किसी भय के शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है। कार्यक्रम में बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों, अनुचित स्पर्श (गुड टच-बैड टच) व दुर्व्यवहार की पहचान करने के तौर-तरीके समझाए गए।गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील।वक्ताओं ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार या असहज स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित कानूनी अधिकारियों को इसकी सूचना देंआत्मरक्षा और सजगता को पहला कदम बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें परिवार,विद्यालय और समाज की भी साझी जिम्मेदारी है।
सशक्त व संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प
अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित बचपन की गारंटी देना रहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने बच्चों को जागरूक कर एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विनोद गुप्ता-आरंग



