पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: ‘दो कदम प्रकृति की ओर समिति’ ने ग्राम धौराभाठा और घोंच को बनाया ‘गौरैया ग्राम’

खल्लारी/ विलुप्त हो रही घरेलू गौरैया चिड़िया के संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाई जा रही मुहिम “मिशन गौरैया 2026” के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही “दो कदम प्रकृति की ओर समिति” आमाकोनी के नेतृत्व में अब तक सात गांवों आमाकोनी, तमोरी, ठोंगा, कोकनाझर, संबलपुर, रोड़ा और खुटेरी को ‘गौरैया ग्राम’ बनाने के बाद, इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए ग्राम धौराभाठा और घोंच को भी ‘गौरैया ग्राम’ के रूप में विकसित किया गया है। वहीं समिति के सदस्यों और ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से इन दोनों गांवों के घरों, आंगन और सार्वजनिक स्थानों पर मिट्टी के हाथ से बने सुंदर घोंसले (मिट्टी का बसेरा) और पानी पीने के लिए सकोरे (मिट्टी के बर्तन) बांधे गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को इन बेजुबान पक्षियों के लिए नियमित दाना-पानी देने का संकल्प भी दिलाया गया।
पिंजरों से आज़ादी और हर घर बसेरा :-
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पक्षियों जैसे तोता को पिंजरों में कैद करने की प्रवृत्ति को रोकना और उन्हें प्राकृतिक एवं सुरक्षित माहौल देना है। समिति का मानना है कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में गौरैया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम घोच और धौराभाठा के ग्रामीणों ने इस मुहिम की सराहना करते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने घरों को गौरैया का सुरक्षित ठिकाना बनाने की जिम्मेदारी ली। अब तक कई गांवों में गूंज रही गौरैया की चहक को लेकर खल्लारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट व दो कदम प्रकृति की ओर समिति के संस्थापक संजय साहू (आमाकोनी) ने बताया की प्रकृति के प्रति जारूकता के उद्देश्य से मिट्टी का बना बसेरा जो कि गौरैया के घोंसला बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। चूंकि गौरैया एक ऐसी पक्षी है। जिनको इंसानों के आस – पास ही अपना घोंसला बनाना पसंद हैं। उन्होंने आगे बताया कि अब तक सात गांवों में सफलतापूर्वक गौरैया ग्राम की स्थापना की जा चुकी है, जहां आज पक्षियों की चहचहाहट लौट आई है।
अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया :-
इसी कड़ी में घोच और धौराभाठा में भी सघन अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया गया। समिति ने क्षेत्र के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे भीषण गर्मी के इस मौसम में अपने घरों की छतों और खिड़कियों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जरूर करें और इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें। इस दौरान ‘दो कदम प्रकृति की ओर समिति’ की पूरी टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। जिन्होंने इस पर्यावरण-हितैषी कार्य में अपना अमूल्य योगदान दिया। ग्राम घोंच के सरपंच पवन साहू और ग्राम धौराभाठा में बलराम दीवान, पुष्कर दीवान, नन्दलाल दीवान, पुष्पा दीवान, कृष्णा दीवान, नमोनारायन निषाद का विशेष रूप से सहयोग प्राप्त हुआ।

