धान बेचने पोर्टल में सह-खातेदारों का पंजीयन आवश्यक नही-आदेश जारी
आरंग । वर्तमान कृषि सत्र में समर्थन मूल्य पर धान बेचने सभी संयुक्त खातेदारों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन की अनिवार्यता संबंधी जारी लगभग सवा तीन माह पुराने आदेश को छग शासन ने संयुक्त खातेदार किसानों में व्याप्त हो रहे आक्रोश के मद्देनजर वापस ले लिया है । अब पूर्ववत् सिर्फ लंबरदार किसान का पंजीयन ही आवश्यक होगा । इस संबंध में बीते कल 5 अक्टूबर को विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है ।ज्ञातव्य हो कि बीते कृषि वर्ष तक संयुक्त खातेदारों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने पोर्टल में सिर्फ लंबरदार किसान के पंजीयन की ही आवश्यकता होती थी लेकिन इस वर्ष बीते 24 जून को एक आदेश जारी कर संयुक्त खातेदारों में से सभी का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन आवश्यक कर दिया गया था । इस आदेश के परिपालन में आ रहे व्यवहारिक दिक्कतों के चलते संयुक्त खातेदार किसानों सहित लंबरदार किसानों में व्यापक आक्रोश फैल रहा था व किसान संगठन शासन – प्रशासन के नुमाइंदों का ध्यान इस ओर लगातार आकृष्ट कर रहे थे । किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुये बतलाया है कि प्रदेश सरकार के खाद्य , नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय के संयुक्त सचिव गजपाल सिंह सिकरवार के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी हुआ है जिसके चलते बीते साल धान खरीदी थमने के बाद नये संयुक्त खातेदार बने किसानो के सिर्फ लंबरदार किसान को ही पंजीयन कराना आवश्यक होगा ।
विनोद गुप्ता-आरंग



