07 दिवसीय समर कैम्प का आयोजन-आज तीसरे दिन मन को एकाग्र करने का सिखाया तरीका…
आरंग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आरंग में समर कैंप का आयोजन किया गया है 08 मई से 14 मई तक आयोजित इस समर कैंप में आज तीसरे दिन में मन की एकाग्रता पर चर्चा की गई। बी. के. शांति दीदी ने कहा मन को एकाग्र कैसे करें, यदि हम देखते हैं, थोड़ा गहराई में जाते हैं तो पता चलेगा मन एक मिनट में कई संकल्प उत्पन्न करता है लेकिन जिस समय कार्य करते हैं उस कार्य के बारे में सोचे, मान लीजिए आप खेल कर रहे हैं तो मन को खेल में एकाग्र करें, पढ़ाई कर रहे हैं तो पढ़ाई में, आपने सुना होगा मन बड़ा चंचल है, हाथी की तरह बलवान है, पवन की तरह गतिवान हैं, आखिर मन क्या है, संकल्पों का केंद्र ही मन है, केवल संकल्पों से लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता, जब तक मन और बुद्धि को एकाग्र नहीं करेंगे l बीके. नंदिनी ने बताया समय के बारे में – जिसमें दुनिया में अनेक प्रकार के चक्र है जैसे घड़ी का चक्र, दिनों का चक्र, जन्म – मृत्यु का चक्र, वैसे यह सृष्टि चक्र है जो हमेशा फिरता रहता है अंत नहीं होता इसमें चार युग होता है सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग l अभी कलयुग का अंत का समय चल रहा है परिवर्तन का समय है अभी कलयुग का अंत और सतयुग का बीच का समय संगमयुग चल रहा है, परमपिता परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर परिवर्तन का कार्य कर रहे हैं l बीके. ममता ने बताया डर के आगे जीत है – मनुष्य को जीवन में किसी न किसी प्रकार का भय लगा रहता है, हारने का भय, फेल होने का भय l मनुष्य को कभी किसी बात से घबराना नहीं चाहिए, हर परिस्थिति हमें कुछ नया सिखाता है, जीवन में हमें हारकर रुकना नहीं है, सदा आगे बढ़ते रहना है डर के कारण मनुष्य कुछ करने से पहले ही रुक जाता है जिसके कारण जो सफलता मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाता और अपनी मंजिल से सदैव दूर रहते हैं l जीवन एक यात्रा है जिसमें हार जीत लगा रहता है यदि हमारे अंदर हिम्मत, साहस और दृढ़ता हो तो हम जीवन के खेल में जीत जाएंगे l कहा जाता है कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती हमें जीत के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए l राजयोग मेडिटेशन करने से हमारा मनोबल बढ़ता है जो व्यावहारिक जीवन में अति आवश्यक है राजयोग हमे सकारात्मक सोचने की कला सिखाती है l
विनोद गुप्ता-आरंग



