आरंग में 19 अप्रैल को संत सुफल भगत जयंती पर भव्य आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी खास आकर्षण

महासमुंद। कंडरा आदिवासी कोसरिया समाज राजिम राज के तत्वावधान में 19 अप्रैल को आरंग के शीतला पारा में समाज के आराध्य संत सुफल भगत की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। इस आयोजन को लेकर समाज में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति की संभावना जताई जा रही है।
मीडिया प्रभारी जगदेव कंडरा (बंगोली) ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर कंडरा समाज द्वारा युवक-युवती परिचय सम्मेलन का भी आयोजन किया गया है, जिससे समाज के युवाओं को एक-दूसरे से परिचित होने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम की विशेषता आदिवासी संस्कृति से ओत-प्रोत भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इनमें बिरसा मुंडा मांदरी नृत्य (जैतपुरी), साक्षी कंडरा ग्रुप खट्टी (पांडुका) का नृत्य, गोंड़वाना नृत्य (कुरुद), कोयलिया रेला (पाठा सिरसिदा) सहित एकल व युगल आदिवासी नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
इस गरिमामय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजिम विधायक रोहित साहू करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ध्रुव कुमार मिर्धा (राज्यमंत्री दर्जा), डॉ. संदीप जैन (नगर अध्यक्ष) सहित आरंग नगर पालिका के सभी सभापति उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कंडरा समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। इसमें अध्यक्ष विजय कंडरा, उपाध्यक्ष टीकम कटारिया, (नारी) उपाध्यक्ष लोचन कंडरा, सचिव सत्यप्रकाश कंडरा, कोषाध्यक्ष भीम कंडरा, मीडिया प्रभारी जगदेव कंडरा, लोचन कंडरा, शिवकुमार कंडरा तथा समाज सेवादार सत्येंद्र कंडरा एवं हरिशंकर कंडरा प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
समाज के पदाधिकारियों ने सभी समाजजनों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
