लोकतंत्र का काला अध्याय-संविधान हत्या दिवस’ पर यहां हुआ मीसाबंदियों का सम्मान
आरंग। आरंग विधान सभा के नगर पंचायत समोदा के साहू भवन परिसर में भारतीय जनता पार्टी जिला रायपुर ग्रामीण द्वारा गुरुवार को “संविधान हत्या दिवस – आपातकाल” विषय पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों एवं लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 को लागू आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और नागरिक अधिकारों पर व्यापक अंकुश लगाए गए थे। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों का साहस, त्याग और बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया तथा संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक परंपराओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और अधिकारों की मजबूत नींव है, जिसकी रक्षा हर नागरिक का दायित्व है।इस अवसर पर मुख्य वक्ता सुरेन्द्र पाटनी ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में गुरु खुशवंत साहेब, ध्रुव कुमार मिर्धा श्याम नारंग(भाजपा जिलाध्यक्ष रायपुर ग्रामीण)सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन करते हुये जिला महामंत्री ललिता वर्मा ने संविधान के प्रति जागरूकता, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय जनभागीदारी का संदेश देते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र को सशक्त बनाए रखने तथा उसके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
विनोद गुप्ता-आरंग



