साय सरकार की समीक्षा बैठक पर पूर्व मंत्री डॉ डहरिया ने कसा तंज-ढाई साल में ही समीक्षा की नौबत, तो सरकार की उपलब्धियां कहाँ है…?
आरंग। छग के मुख्यमंत्री द्वारा गुरुवार को देर रात मंत्रियों की बुलाई गई बैठक और सरकार के ढाई साल के कार्यकाल की समीक्षा को लेकर पूर्व मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यदि कार्यकाल के केवल ढाई साल बाद ही सरकार को अपने कामकाज की व्यापक समीक्षा करनी पड़ रही है, तो यह इस बात का संकेत है कि जनता की अपेक्षाओं पर सरकार खरी नहीं उतर सकी है।डॉ. डहरिया ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को अपनी उपलब्धियों का बखान करने के बजाय अब अपने ही मंत्रियों से फीडबैक लेना पड़ रहा है। उनके अनुसार, ढाई साल के भीतर ही योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना बताता है कि शासन व्यवस्था अपेक्षित दिशा में नहीं बढ़ पाई है।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, रोजगार, किसानों और आम नागरिकों से जुड़े ठोस परिणाम देखना चाहती है, लेकिन सरकार का अधिक समय बैठकों, समीक्षाओं और आंतरिक समन्वय में बीतता दिखाई दे रहा है। डॉ. डहरिया ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है तथा कई स्तरों पर अव्यवस्था और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
पूर्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि “यदि ढाई साल बाद सरकार को अगले ढाई साल की रणनीति बनाने के लिए आपात बैठकें करनी पड़ रही हैं, तो यह स्वयं इस बात का प्रमाण है कि अब तक का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। जनता वादों के बजाय जमीन पर दिखने वाले काम चाहती है।उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक प्रबंधन से अधिक जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और शेष कार्यकाल में जवाबदेही के साथ काम कर जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करना न कि केवल बैठकों और समीक्षाओं के सहारे अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का।उन्होंने कहा कि सरकार को शेष कार्यकाल में जनता का विश्वास जीतने का गंभीर प्रयास करना चाहिए, क्योंकि केवल समीक्षा बैठकों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों से ही जनता का भरोसा बनता है।
विनोद गुप्ता-आरंग



