गौ तस्करी पर आरंग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई-टाटा मैजिक से गौवंश की तस्करी करते 02 नाबालिग सहित 05 गिरफ्तार
आरोपी संजय टंडन पहले भी जा चुका है गौ-तस्करी के मामले में जेल, पंधी के कच्चे रास्ते पर दबोचे गए आरोपी
आरंग।आरंग पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए गौवंश की तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पंधी जाने वाले कच्चे मार्ग पर घेराबंदी कर एक टाटा मैजिक वाहन से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 4 बैलों को मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़ा गया मुख्य आरोपी पहले भी गौ-तस्करी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरंग पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक टाटा मैजिक वाहन (क्रमांक CG 06 GZ 9607) में कुछ लोग बैलों को अवैध रूप से और बेहद क्रूरता के साथ भरकर पंधी गांव की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए मार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोक लिया।वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 04 बैल ठूंस-ठूंस कर भरे पाए गए, जिनके साथ बेहद क्रूरता बरती जा रही थी। पुलिस ने जब वाहन में सवार लोगों से गौवंश के परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेज या कागजात मांगे, तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन और बैलों को जब्त कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया।पकड़े गए आरोपियों के नाम-पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2 नाबालिग शामिल हैं। बालिग आरोपियों की पहचान इस प्रकार है।संजय टण्डन (पिता बाबू लाल टण्डन, उम्र 35 वर्ष) – निवासी: ग्राम अकोलीखुर्द, थाना आरंग, जिला रायपुर। (यह आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी गौवंश तस्करी के मामले में जेल जा चुका है)।
राजेश उर्फ ननची यादव (पिता भेखू यादव, उम्र 22 वर्ष) – निवासी: ब्लॉक ऑफिस के पास, आरंग।कमलेश यादव (पिता परदेशी राम यादव, उम्र 21 वर्ष) – निवासी: ग्राम अकोली रोड, आरंग।आरंग पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 263/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों नाबालिगों सहित पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
विनोद गुप्ता-आरंग



