आज से‘उल्लास साक्षरता पखवाड़ा-प्रदेशभर में असाक्षरों का युद्ध स्तर पर सघन सर्वेक्षण
रायपुर। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में 1 से 15 सितम्बर 2026 तक आयोजित ‘उल्लास नव भारत साक्षरता पखवाड़ा’ के द्वितीय दिवस कल 2 सितम्बर को संपूर्ण प्रदेश के ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के शहरी वार्डों में असाक्षरों तथा स्वयंसेवी शिक्षकों की पहचान हेतु युद्ध स्तर पर सघन घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया जायेगा।15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे नागरिक जो औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए हैं, उन्हें साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से यह विशेष पहल शुरू की गई है। इस अभियान की सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण विशेषता विद्यार्थियों का प्रत्यक्ष जुड़ाव है।राज्य शासन के निर्देशानुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रावधान लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षाओं में 10 निरक्षरों को साक्षर बनाने पर विद्यार्थियों को 10 बोनस अंक प्रदान किए गए जाएंगे। इस प्रावधान का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए कल प्रदेश भर के हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों, स्थानीय युवाओं तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की टीमों द्वारा घर-घर जाकर निरक्षर नागरिकों का चिन्हांकन एवं डेटा संकलन किया जाएगा। साक्षरता पखवाड़े के तहत बच्चों में पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वबोध जगाने के लिए ‘उल्लास गृह कार्य’ विशेष गतिविधि की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत स्कूली बच्चे अपने घरों में निरक्षर दादा-दादी, नाना-नानी या माता-पिता के साथ प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट बैठकर उन्हें समाचार पत्रों की सुर्खियां पढ़ना तथा बुनियादी अक्षर लिखना-पढ़ना सिखाएंगे। इससे न केवल परिवार में अंतर-पीढ़ीगत संवाद सुदृढ़ होगा, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों में शिक्षा के प्रति नई उत्सुकता का संचार भी होगा।अभियान की पारदर्शिता एवं नियमितता सुनिश्चित करने के लिए कल 2 सितंबर को सायंकाल में संचालित होने वाले साक्षरता केंद्रों का स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों एवं प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा अवलोकन किया जाएगा।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने समस्त जिला कलेक्टरों एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरणों को निर्देश जारी कर सर्वेक्षण कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा इसमें अधिक से अधिक स्वयंसेवी शिक्षकों को पंजीकृत करने के निर्देश दिए हैं ताकि छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त किया जा सके।
विनोद गुप्ता-आरंग



