गाँव के इस युवक ने अंतरराष्ट्रीय खेल विज्ञान की परीक्षा में फहराया परचम
आरंग। आरंग विकासखंड के अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव नारा की प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने को तैयार है। यहाँ के कर्मठ युवा आकाश चंद्राकर ने खेल जगत के बेहद प्रतिष्ठित संस्थान NSNIS पटियाला में आयोजित ASCA Level-2 (ऑस्ट्रेलियाई स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एसोसिएशन) की व्यावहारिक परीक्षा में सफलता का परचम लहराकर अपनी मेहनत और खेल विज्ञान के प्रति अटूट समर्पण को सिद्ध कर दिया है। आकाश की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के खेल जगत के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।पटियाला में आयोजित इस कड़े प्रशिक्षण और परीक्षा के दौरान आकाश को खेल विज्ञान की दुनिया के दिग्गज विशेषज्ञों, स्मिथ और जेम्स का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। इन अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों की देखरेख में आकाश ने स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग की आधुनिक तकनीकों को गहराई से समझा और सीखा कि कैसे वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से खिलाड़ियों की क्षमता को चरम स्तर पर पहुँचाया जा सकता है। यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में उच्च स्तरीय एथलीटों को तैयार करने में मददगार साबित होगा।इस यात्रा की एक खास उपलब्धि भारत की मशहूर जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी के साथ उनकी मुलाकात रही। आकाश को न केवल उनसे मिलने का सौभाग्य मिला, बल्कि उन्होंने अन्नू रानी के साथ जेवलिन थ्रो की बारीकियों और खेल के दौरान शारीरिक शक्ति यानी ‘स्ट्रेंथ’ के महत्व पर महत्वपूर्ण तकनीकी चर्चा भी की। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट के साथ खेल विज्ञान के साझा किए गए ये टिप्स आकाश के बढ़ते आत्मविश्वास और उनकी विशेषज्ञता को दर्शाते हैं।अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय आकाश ने अपने गुरुओं और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया है। वे खेल विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम मैम के कुशल मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को अपनी प्रेरणा का मुख्य स्रोत मानते हैं। साथ ही, उन्होंने गिरीश शुक्ला सर, हिमांशु सर और रश्मि मैम के विशेष सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आकाश की इस लंबी यात्रा में उनके परिवार की भूमिका सबसे अहम रही है। उनके पिता प्रहलाद चंद्राकर, माँ खुशबू चंद्राकर, मामा जी प्रेम कुमार चंद्राकर और विनोद चंद्राकर के अटूट विश्वास और साथ ने उन्हें हर कठिन मोड़ पर संबल प्रदान किया। आज आकाश की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और मार्गदर्शन सही मिले, तो ग्रामीण अंचल के युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
विनोद गुप्ता-आरंग



