छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर ‘दूज के चंदा’ की दूसरी पारी-13 मई को यहॉं होगा पहला कार्यक्रम….
आरंग।आरंग छत्तीसगढ़ की माटी की पहचान और लोक कला की अनूठी मिसाल, सांस्कृतिक संस्था ‘दूज के चंदा’ (बैहार-आरंग) एक लंबे अंतराल के बाद फिर से अपनी सांस्कृतिक चमक बिखेरने के लिए तैयार हो गया है। यह पुनरागमन दाऊ जीवन लाल साहू (कुकराडीह वाले) के भतीजे के विवाह समारोह के पावन अवसर पर होने जा रहा है, जो कला प्रेमियों के लिए एक सुखद अनुभव होगा। कार्यक्रम का प्रथम आयोजन दाऊ जीवन लाल साहू निवास, तुमगाँव रोड, शारदा चौक, महासमुंद में 13 मई को आयोजित होगा। संस्था प्रमुख जोगेन्दर सिंह ठाकुर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि संस्था पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोक गान के साथ-साथ पंथी, सुआ, कर्मा और ददरिया जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देगी, जो सीधे हमारी जड़ों से जुड़ने जैसा है।प्रखर वक्ता दाऊ जीवन लाल साहू के जुड़ने से मंच संचालन में जो हास्य, ओज और ऊर्जा आएगी, वह दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। खोमन लाल साहू की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, जोगेंदर सिंह ठाकुर व आचार्य गजेंद्र तिवारी के मार्गदर्शन में टीम की मेहनत एक बार फिर रंग लाएगी।छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवंत रखने के इस पुनरोदय अभियान ‘दूज के चंदा’ की यह दूसरी पारी है।
विनोद गुप्ता-आरंग



