सफलता की कहानी-सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से आरंग ब्लॉक ने इन दो बच्चों को मिला जन्मजात बहरापन से मुक्ति…
आरंग।रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम चपरीद निवासी बालिका गर्वी साहू एवं ग्राम नकटा निवासी 3 वर्षीय बालिका गनिका सोनी को आरबीएसके (RBSK) टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जन्मजात बहरापन (Congenital Deafness) से पीड़ित पाया गया। दोनों बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें चिरायु योजना के अंतर्गत AIIMS रायपुर रेफर किया गया।AIIMS रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत जांच एवं आवश्यक परीक्षण के उपरांत दोनों बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। सर्जरी के पश्चात दोनों बच्चों की नियमित मैपिंग, स्पीच थेरेपी एवं श्रवण प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे ध्वनियों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं तथा उनकी सुनने एवं बोलने की क्षमता में निरंतर सुधार हो रहा है। इस सफल उपचार से दोनों परिवारों के जीवन में नई आशा और खुशी का संचार हुआ है।यह उपलब्धि आरबीएसके एवं चिरायु योजना के माध्यम से समय पर पहचान, उचित परामर्श, शीघ्र रेफरल तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल ने दोनों बच्चों को सुनने और बोलने की नई दुनिया से जोड़ते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी है।बीएमओ डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत के उचित मार्गदर्शन एवं विशेष सहयोग में चिरायु टीम – डॉ. भूपेश गेंद्रे (MO), डॉ. शिल्पा कटारिया (MO), विनीत कुमार (फार्मासिस्ट) एवं परनिता वर्मा (ANM) द्वारा दोनों बच्चों की समय पर पहचान, परामर्श, रेफरल, आवश्यक समन्वय एवं नियमित फॉलो-अप में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई और उनके जीवन में सुनने एवं बोलने की नई शुरुआत संभव हो सकी।
विनोद गुप्ता-आरंग



