विशेष-पथरीले चट्टानों को चीरकर लहराई हरियाली-108 पौधों से शुरू हुआ ‘श्रीराम स्मृति उपवन’ अब बना 700 से अधिक वृक्षों का घना परिसर
आरंग। इरादे मजबूत हों और संकल्प में सेवा का भाव जुड़ा हो तो पथरीली जमीन भी हरियाली की चादर ओढ़ सकती है। आरंग विकासखंड के ग्राम बीरबिरा में इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिलता है। महानदी मुख्य नहर किनारे गायत्री प्रज्ञा पीठ चेतना केंद्र के समीप कभी पत्थरों और चट्टानों से भरी जमीन आज ‘श्रीराम स्मृति उपवन’ के रूप में 700 से अधिक वृक्षों से आबाद है।वर्ष 2017 में शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर परम पूज्य आचार्य श्रीराम शर्मा की स्मृति में इस उपवन को विकसित करने का संकल्प लिया गया था। शुरुआत में ही कार्यकर्ताओं के सामने जमीन की कठोरता बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। पौधा लगाने के लिए गड्ढा खोदते ही मिट्टी के बजाय पत्थर और गिट्टी निकलती थी। इसके बावजूद गायत्री परिवार की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं ने हिम्मत नहीं छोड़ी और श्रमदान से 108 गड्ढे तैयार कर पौधारोपण की शुरुआत की।पौधों को मवेशियों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए पूरे क्षेत्र में तार फेंसिंग की गई। अभियान को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि ‘एक व्यक्ति–एक वृक्ष’ की जिम्मेदारी तय की गई। प्रत्येक कार्यकर्ता को एक पौधे की देखभाल का दायित्व सौंपा गया, जिससे पौधों को समय पर पानी, खाद और सुरक्षा मिलती रही।निरंतर देखभाल और जनसहयोग से यह पहल धीरे-धीरे बड़ा रूप लेती गई। 108 पौधों से शुरू हुआ सफर अब 700 से अधिक छायादार और फलदार वृक्षों तक पहुंच चुका है। उपवन में नीम, गुलमोहर, जामुन, सीताफल, आम, बरगद और पीपल सहित कई प्रजातियों के वृक्ष हरियाली बिखेर रहे हैं।श्रीराम स्मृति उपवन अब केवल स्मृति वन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। ग्रामीण और श्रद्धालु जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ तथा परिजनों की स्मृति जैसे अवसरों पर यहां पौधारोपण कर अपनी खुशियों को प्रकृति से जोड़ रहे हैं।इस अभियान को जमीन पर आकार देने में गायत्री परिवार जिला युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य जितेंद्र साहू(कुकरा)एवं खोमन साहू(लखौली) की विशेष पहल और निरंतर भूमिका रही। युवाओं के श्रमदान और पर्यावरण के प्रति समर्पण से तैयार यह उपवन साबित कर रहा है कि जहां कभी पत्थरों का साम्राज्य था, वहां भी मजबूत संकल्प से हरियाली का संसार खड़ा किया जा सकता है।
विनोद गुप्ता-आरंग



