धूमधाम से यहां मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव-विकारों पर विजय पाने का दिया संदेश
आरंग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आरंग सेवा केंद्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की संचालिका बी.के. लता बहन ने श्रीकृष्ण के आदर्श स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जन्म से ही 16 कलाओं से संपूर्ण, निर्विकारी और मर्यादा पुरुषोत्तम थे। आज के इस कलियुगी परिवेश में चारों ओर अत्याचार, पापाचार और विकारों का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में श्रीकृष्ण जैसे दिव्य चरित्र का निर्माण करने के लिए जीवन में त्याग, तपस्या और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाना अनिवार्य है। श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वरीय ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति के बल पर नर को नारायण और नारी को लक्ष्मी बनाया जा सकता है। उन्होंने जनमानस का आह्वान किया कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे पांच मुख्य विकारों पर विजय प्राप्त करके ही श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों को आत्मसात किया जा सकता है।इस पावन अवसर पर आरंग नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों बैहार, रींवा, लखौली, भानसोज, नारा, कुकरा, संडी, गुल्लू, देवरी, समोदा, चरौदा तथा भिलाई से सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण और मुख मीठा कराकर किया गया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
विनोद गुप्ता-आरंग



