05 वर्षों की ऐतिहासिक पदयात्रा पूर्ण कर छत्तीसगढ़ लौटे सौरभ देवांगन का गृह ग्राम में होगा भव्य नागरिक अभिनंदन
पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर देश के 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में की 20,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा
आरंग।छत्तीसगढ़ की माटी के सपूत एवं साहसी युवा सौरभ देवांगन (घूमक्कड़ सौरभ) की पांच वर्षों की ऐतिहासिक पदयात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार 12 अक्टूबर को उनके गृह ग्राम सिद्धेश्वर धाम जारा में भव्य नागरिक अभिनंदन एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह के माध्यम से उनकी पांच वर्षों की यात्रा के अनुभवों, संघर्षों, चुनौतियों और उपलब्धियों को साझा किया जायेगा।यह पूरे देश वासियों के लिए गौरव का अवसर है और युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देगा।सौरभ देवांगन ने 7 अक्टूबर 2021 को अपनी ऐतिहासिक पदयात्रा की शुरुआत की थी।पांच वर्षों तक निरंतर यात्रा करते हुए उन्होंने भारत के सभी 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा पूरी की।उनकी यह यात्रा साहस, दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी उदाहरण है।कोरासी राज देवांगन समाज के सचिव सोहन लाल देवांगन जी ने कहा कि यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।आज के दौर में युवा अपने भविष्य और कैरियर को लेकर विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं ऐसे समय में सौरभ देवांगन की पांच वर्षों की पदयात्रा धैर्य, अनुशासन,साहस और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देती है। कोरासी देवांगन समाज के सचिव सोहन देवांगन ने समस्त देवांगन समाज जारा की ओर से क्षेत्र के सभी सम्मानित नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं एवं कोरासी राज देवांगन समाज के सभी गांवों के देवांगन सदस्यों को स्वागत अभिनन्दन समारोह में शामिल होने की अपील की है।इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में श्रीमती भारती मोनू साहू जिला पंचायत सदस्य, संतराम देवांगन अध्यक्ष कोरासी राज देवांगन समाज, श्रीमती अनीता प्रवीण धुरंधर जनपद सदस्य एवं रामायण धीवर सरपंच जारा की गौरवमयी उपस्थिति रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश,
सौरभ देवांगन की इस लंबी पदयात्रा का महत्व केवल दूरी तय करने तक सीमित नहीं है बल्कि यह देश की विविधता, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी संदेश देता है ।देश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए इस प्रकार की यात्रा भारत की सांस्कृतिक विविधता, जनजीवन और सामाजिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर प्रदान करती हैं।
विनोद गुप्ता-आरंग



