अग्रसेन योगासन शाखा में धूमधाम से मनाई गई महाराजा अग्रसेन की जयंती-वक्ताओं ने उनके आदर्शों पर डाला प्रकाश
आरंग।11 अक्टूबर 2026 — विक्रम संवत 2083 आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर आरंग के अग्रवाल पारा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में अग्रसेन योगासन शाखा के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ नित्य दिनचर्या के तहत आसन, प्राणायाम, ध्यान योग और संघ प्रार्थना के पश्चात अतिथियों द्वारा महाराजा अग्रसेन एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पूजा-अर्चना के साथ हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आशुतोष अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके नगर अग्रोहा में बसने वाले हर नए परिवार को समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा एक ईंट और एक रुपया सहयोग स्वरूप देने की अनूठी परंपरा थी, ताकि वे आसानी से अपना घर और व्यवसाय स्थापित कर सकें। इस प्रकार उन्होंने मानव समाज में समानता और दान की महत्ता को चरितार्थ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जयशंकर अग्रवाल ने कहा कि महाराज अग्रसेन अहिंसा के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने यज्ञों में पशुबलि प्रथा का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने क्षत्रिय वर्ण छोड़कर वैश्य वर्ण अपनाया और व्यापार व कृषि के माध्यम से समाज को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का प्रयास किया, जिसके आदर्शों पर आज भी अग्रवाल समाज चलकर देश की सेवा कर रहा है।विशिष्ट अतिथि डॉ. आलोक अग्रवाल ने समाज के उत्थान में महाराज के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि उन्होंने शिक्षा के लिए विद्यालय, स्वास्थ्य के लिए चिकित्सालय, यात्रियों के लिए धर्मशाला, पेयजल और महिलाओं के सम्मान हेतु अनेक व्यवस्थाएं की थीं। उनके इन्हीं महान कार्यों और लोक कल्याणकारी नीतियों के कारण भारत सरकार ने वर्ष 1976 में उनके नाम पर एक डाक टिकट और वर्ष 1995 में एक मालवाहक जहाज का नामकरण किया था।इस गरिमामयी आयोजन में रविंद्र अग्रवाल, अमिताभ अग्रवाल, अभिनेष अग्रवाल, ओम गुप्ता, बलराम साहू, गिलेश्वर साहू, शंकर पाल, गोपाल पाल, शंकर यादव, बाबू गुलाब दास और रामकुमार कंसारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक कुमार ठाकुर द्वारा किया गया तथा अंत में आभार प्रदर्शन बृजेश अग्रवाल ने किया।
विनोद गुप्ता-आरंग



