Close Menu
Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    What's Hot

    संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की जयंती महोत्सव-इन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ…

    May 13, 2026

    वर्मीकल्चर एवं वर्मीकंपोस्टिंग विषय अंतर्गत मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन-मनियारा वर्मी कम्पोस्ट” उत्पाद का किया गया शुभारंभ…

    May 13, 2026

    आज यहाँ होगा किसानों की महापंचायत-खाद संकट को लेकर किसानों में आक्रोश

    May 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, May 13
    • बड़ी खबर
    • देश-विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महासमुंद
    • मोर किस्सा कहानी
    • राजनीति
    • आप की खबर
    • क्राइम
    • छग जनसंपर्क विभाग
    • अन्य
      • बॉलीवुड
      • क्रिकेट
      • स्वास्थ्य
      • जॉब-एजुकेशन
      • लाइफस्टाइल
      • योजनाएं
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Home»Blog»सरकारी आदेश बेअसर, ग्राम सभा में नहीं दिखे जिम्मेदार अधिकारी
    Blog

    सरकारी आदेश बेअसर, ग्राम सभा में नहीं दिखे जिम्मेदार अधिकारी

    Rekhraaz SahuBy Rekhraaz SahuApril 14, 2026
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    ग्राम सभा बनी औपचारिकता, विभागीय अधिकारी नदारद—ग्रामीणों में नाराज़गी

    महासमुंद। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी को सशक्त बनाना और शासकीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाना होता है। इस संबंध में कलेक्टर (पंचायत शाखा) महासमुंद द्वारा पूर्व में ही सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें ग्राम सभा में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया था।
    इसके बावजूद जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आई।


    निर्देश थे स्पष्ट, फिर भी अधिकारी नदारद
    जारी आदेश के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास सहित सभी विभागों के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों को ग्राम सभा में उपस्थित रहकर अपने विभागीय योजनाओं की जानकारी देना अनिवार्य था।
    साथ ही ग्राम सभा में विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं—जैसे पिछले निर्णयों की समीक्षा, पंचायत आय-व्यय, कर वसूली, मनरेगा कार्य, स्वच्छता, जल प्रबंधन, पीएम आवास, महात्मा गांधी नरेगा, सामाजिक योजनाओं सहित 20 बिंदुओं पर चर्चा करना निर्धारित था।
    लेकिन जिले के कई ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं में केवल सरपंच, सचिव, पंच और कुछ ग्रामीण ही उपस्थित रहे, जबकि अधिकांश विभागीय अधिकारी अनुपस्थित पाए गए।

    एजेंडा रह गया अधूरा

    ग्राम सभा के लिए तय एजेंडा में शामिल प्रमुख विषय—
    पंचायत आय-व्यय की समीक्षा
    विभिन्न योजनाओं की प्रगति
    मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम आवास
    जल संरक्षण व जल जीवन मिशन
    सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
    राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य व शिक्षा से जुड़े मुद्दे
    इन सभी पर संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। इससे ग्राम सभा केवल औपचारिकता बनकर रह गई।

    ग्रामीणों को नहीं मिल रही योजनाओं की जानकारी
    ग्राम सभा एक ऐसा मंच है, जहाँ ग्रामीण अपनी समस्याएं रखते हैं और विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करते हैं। लेकिन जब संबंधित विभागों के अधिकारी ही उपस्थित नहीं होते, तो ग्रामीण कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।


    अधिकांश योजनाएं एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं, इसलिए एक ही मंच पर समाधान संभव होता है—लेकिन यह अवसर ग्रामीणों को नहीं मिल पाया।
    इन विभागों की अनुपस्थिति सबसे ज्यादा खली
    शिक्षा विभाग के शिक्षक
    स्वास्थ्य विभाग (ANM, मितानिन)
    राजस्व विभाग के पटवारी
    कृषि विभाग के विस्तार अधिकारी
    वन विभाग के बीटगार्ड
    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
    मनरेगा कर्मचारी
    इनकी गैरमौजूदगी ने ग्राम सभा की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर सवाल
    जब जिला प्रशासन द्वारा पूर्व सूचना और स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, तो अधिकारी ग्राम सभा में क्यों नहीं पहुंचे?
    क्या उपस्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है?
    क्या अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी?
    या फिर यह प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी?

    ग्रामीणों में बढ़ रही निराशा
    अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण अपने सवालों और समस्याओं को सामने नहीं रख पा रहे हैं। इससे न केवल समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, बल्कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है।
    सुशासन के दावों पर सवाल
    राज्य में सुशासन के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर यह लापरवाही उन दावों की हकीकत उजागर कर रही है। यदि जिम्मेदार कर्मचारी अपने कर्तव्यों से दूर रहेंगे, तो योजनाओं का लाभ आम जनता तक कैसे पहुंचेगा?

    अब आगे क्या?
    अब यह देखना होगा कि जिला स्तर के और विभागीय स्तर के अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं—
    क्या ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी?
    क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
    या फिर यह मुद्दा भी हर बार की तरह दब जाएगा?


    ग्राम सभा केवल एक बैठक नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जमीनी नींव है। शासन द्वारा तय एजेंडा और निर्देशों के बावजूद यदि अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होती, तो इसका उद्देश्य अधूरा ही रह जाएगा।
    अब समय है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए, ताकि ग्राम सभा वास्तव में जनहित का सशक्त मंच बन सके।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Rekhraaz Sahu

    Related Posts

    संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की जयंती महोत्सव-इन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ…

    May 13, 2026

    वर्मीकल्चर एवं वर्मीकंपोस्टिंग विषय अंतर्गत मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन-मनियारा वर्मी कम्पोस्ट” उत्पाद का किया गया शुभारंभ…

    May 13, 2026

    आज यहाँ होगा किसानों की महापंचायत-खाद संकट को लेकर किसानों में आक्रोश

    May 13, 2026
    ज़रूर पढ़ें

    संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की जयंती महोत्सव-इन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ…

    Vinod GuptaMay 13, 2026

    संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की जयंती महोत्सव-इन्होंने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का…

    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    प्रधान संपादक एवं स्वामी : रेखराम साहू

    मोबाइल न. : 8236012223
    ईमेल : rekhraazmsmd@gmail.com
    वेबसाइट : www.khabarchhattisgarhnews.com

    कार्यालय : बीटीआई रोड पुराना मलेरिया ऑफिस के पास वार्ड नंबर 29, जिला महासमुंद पिन: 493445
    © 2026 ख़बर छत्तीसगढ़ न्यूज़. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.