मंडी चौक में भव्य हवन-कन्या पूजन और प्रसादी के साथ संपन्न हुआ दुर्गा पूजा महोत्सव
आरंग।शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर तामासिवनी मंडी चौक स्थित माता मंडिलेश्वरी दुर्गा उत्सव समिति के पंडाल में धार्मिक अनुष्ठान पूरी भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुए। नवरात्रि के अंतिम दिन माँ दुर्गा के नवम स्वरूप की आराधना के साथ भव्य हवन-पूजन, नव कन्या भोज और विशाल भंडारे (माता प्रसादी) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।सुबह से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और माता के जयकारों के बीच मुख्य यजमान एवं आचार्यों द्वारा विधि-विधान से महाहवन संपन्न कराया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर क्षेत्र, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि एवं शांति की मंगल कामना की।हवन के उपरांत ‘नव कन्या पूजन’ का भव्य आयोजन हुआ। नौ छोटी कन्याओं को माता रानी के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनके चरण पखारे गए, चुनरी ओढ़ाई गई और तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजा की गई। इसके पश्चात् कन्याओं को हलवा, पूरी, चना और उपहार भेंट कर भोजन कराया गया।इस दौरान समिति के सदस्यों द्वारा एक अनूठी पहल करते हुए सभी से निवेदन किया गया कि वे अपने घर, परिवार और मित्रों के साथ मिलकर अपने आसपास कम से कम 2 से 3 पेड़ अवश्य लगाएं, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके। कन्या पूजन के पश्चात विशाल ‘माता प्रसादी’ (भंडारे) का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों और पारा वासियों ने व्यवस्था संभालते हुए सभी आने वाले भक्तों का आदर-सत्कार किया।कार्यक्रम के अंत में भव्य आरती उतारी गई, जिससे पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि माता रानी के आशीर्वाद से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी संपूर्ण आयोजन अत्यंत भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें सभी नगरवासियों और श्रद्धालुओं का सहयोग प्रशंसनीय रहा।इस सफल आयोजन में दुर्गा पंडाल के पंडा भीखा साहू और भुखन तारक ने नौ दिनों तक माता जी की पूरी निष्ठा से सेवा की और स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली बताया।
विनोद गुप्ता-आरंग



