पारिवारिक संस्कारों के साथ चंद्राकर परिवार ने किया देहदान-समाज को दिया प्रेरणादायी संदेश
आरंग: सिरसा कला (भिलाई-3) के मूल निवासी एवं विगत 30 वर्षों से आरंग में निवासरत दाऊ स्वर्गीय राम शरण चंद्राकर का 29 जुलाई 2026 को देहावसान हो गया। दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिजनों एवं उनके सुपुत्रों ने पारंपरिक संस्कारों का निर्वहन करते हुए समाज के समक्ष एक अत्यंत अनुकरणीय और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिजनों ने सर्वसम्मति से स्वर्गीय चंद्राकर के पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य हेतु मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। चंद्राकर समाज आरंग नगर के अध्यक्ष मनोज चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरंग क्षेत्र के चंद्राकर समाज में देहदान का यह दूसरा प्रेरक मामला है। इससे पूर्व पारागांव निवासी स्वर्गीय शीत चंद्राकर का पार्थिव शरीर भी परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज को दान किया गया था।दुख और शोक के क्षणों में लिया गया यह प्रगतिशील निर्णय न केवल समाज को नई दिशा दे रहा है, बल्कि चिकित्सा जगत और मानवता की सेवा के लिए भी एक मिसाल बनकर उभरा है। इस पुनीत कार्य के लिए पूरे समाज एवं नगरवासियों ने चंद्राकर परिवार के इस साहसिक व परोपकारी कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
विनोद गुप्ता-आरंग

