महासमुंद समेत 14 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा, IMD ने जारी की चेतावनी
29 से 31 अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका, नदियों और नालों का जलस्तर सामान्य से ऊपर पहुंचने का अनुमान

महासमुंद। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती मौसम के प्रभाव और भारी बारिश की आशंका के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 29 से 31 अक्टूबर 2026 के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने तथा कुछ क्षेत्रों में सामान्य से ऊपर बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की आशंका है।

जारी चेतावनी के मुताबिक इंद्रावती और साबरी नदियों, ऊपरी महानदी क्षेत्र की सहायक नदियों के साथ शिवनाथ, पैरी, जोंक, खारून, बावनधारा, बरधा और हारा नदियों में पानी का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा महासमुंद, बलौदाबाजार, रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बालोद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों की छोटी नदियों और जलस्रोतों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
बांधों में बढ़ सकती है पानी की आवक
मौसम विभाग ने इस अवधि में बांगो और रविशंकर सागर (गंगरेल) बांध में पानी की आवक बढ़ने की संभावना भी जताई है। ऐसी स्थिति में बांधों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार किया जा सकता है। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
महासमुंद सहित 14 जिलों के लिए फ्लैश फ्लड गाइडेंस
IMD ने महासमुंद सहित मुंगेली, मनेंद्रगढ़-भरतपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर, सक्ती, कोरिया, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, रायगढ़, कोरबा और बलरामपुर जिलों के लिए 30 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे तक फ्लैश फ्लड गाइडेंस जारी किया है।
फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ की स्थिति तब बनती है, जब कम समय में अत्यधिक बारिश होने से नदी-नालों में पानी तेजी से बढ़ जाता है और आसपास के निचले इलाकों में अचानक पानी भरने लगता है। यह स्थिति लोगों और संपत्ति के लिए खतरनाक हो सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नदी-नालों के आसपास और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को उफनते नदी-नालों को पार करने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
