सिंचाई पानी पर डाका-रात में गिराए जा रहे नहरों के गेट-मछली पकड़ने वालों की करतूत से किसान परेशान
आरंग। महानदी मुख्य नहर से निकले नहर नालियों में दिन के समय भरपूर पानी बहता है पर रात होते होते इनका गेट गिरा दिया जाता है जिसकी वजह से पानी का धार टूटने से अंतिम छोर के खेतों तक सिंचाई पानी नहीं पहुंच पा रहा। इसकी वजह से किसानों में आक्रोश है ।गेट गिराने का काम विभाग नहीं वरन् मछली पकड़ने वाले विध्न संतोषी तत्व कर रहे हैं । बीती रात्रि शिकायत पर पेट्रोलिंग करने निकले दल को टेकारी व डिघारी नाली का गेट पूरा गिरा हुआ मिला। टेकारी नहर नाली पार पर तो दल को कोई नहीं मिला पर डिघारी में दो युवक गेट के पास मिले जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गयी है ।ज्ञातव्य हो कि इस समय महानदी मुख्य नहर पर लगभग पूरी क्षमता का पानी छोड़ा जा रहा है और इससे निकले नहर नालियां भी तकरीबन पूरे शबाब पर है । दिन में तो कोई समस्या नहीं रहता पर रात होते – होते अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले विध्न संतोषी तत्व सक्रिय हो जाते हैं और गेट को गिरा मछली पकड़ते हैं जिसकी वजह से पानी की धार टूट जाता है । बतलाया जाता है कि ये विध्न संतोषी तत्व गेट का डुप्लीकेट चाबी भी बनवा रखे हैं जिससे गेट खोलते – बंद करते हैं । वितरक शाखा नंबर 24 के अंतिम छोर के ग्राम संकरी के किसानों से पर्याप्त पानी न पहुंचने की शिकायत पर एक दो दिन पहले जल उपभोक्ता संस्था टेकारी के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने संबंधित बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अनुविभागीय अधिकारी विनोद कुमार बहादुर का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था। बीती रात में पेट्रोलिंग पर लगभग रात 11 बजे पहुंचे दल को दोनों नालियों का गेट पूर्ण रूप से बंद मिला था जिसे खोल पानी का प्रवाह पुनः शूरू किया गया । आज सोमवार को श्री शर्मा ने संकरी पहुंच सरपंच प्रतिनिधि निखिल वर्मा व उपसरपंच शिवा सहित पूर्व सरपंच टीकाराम वर्मा सहित मौजूद किसानों से पेट्रोलिंग दल के सदस्य के साथ चर्चा की । निगरानी हेतु पर्याप्त विभागीय अमला नहीं होने की जानकारी देते हुये श्री शर्मा ने इसके निगरानी हेतु ग्रामीणों का दल बना खासकर रात के समय वितरक शाखा के हेड से लेकर नहर नाली के अंतिम छोर तक सतत् चौकसी का सुझाव दिया व इस शाखा के अधीन आने वाले ग्राम टेकारी , कुंडा , कठिया , सोनभट्ठा व अमेरी के पंचायत व ग्राम प्रमुखों से आग्रह किया है कि वे किसानों को अपने-अपने खेतों के पानी निकासी के रास्ते को बंद कर खेतों में पानी सुरक्षित करवाने व पानी को व्यर्थ नाले में न जाने की आग्रह के साथ मुनादी भी करावें व जिन कुलापों से सिंचाई पूर्ण हो चुका है उनसे पानी निकासी बंद करने में विभागीय अमला को सहयोग प्रदान करें । साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि प्रतिदिन शाम ढलने के बाद से सुबह होने तक नहर नालियों में मिलने वाले विध्न संतोषी तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने में हिचकिचाहट न दिखावे और
मछली पकड़ने की जाल मिलने पर उसे तत्काल जप्त करावें व आवश्यक हो तो पुलिसिया मदद भी ले।
विनोद गुप्ता-आरंग



