रचनात्मक लेखन व दीवार पत्रिका कार्यशाला में शिक्षकों ने साझा किए नवाचार-बच्चों की भाषाई दक्षता निखारने पर हुआ मंथन
आरंग।आरंग के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शैक्षिक हॉल में रचनात्मक लेखन कौशल, दीवार पत्रिका एवं ‘आओ करके सीखें’ विषय पर एक दिवसीय प्रेरक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के प्रधान पाठकों एवं संकुल समन्वयकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यशाला में संकुल समन्वयक हरीश दीवान, डोमन डहरिया व अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि जय कुमार वर्मा ने मुख्य स्रोत व्यक्ति के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों के रचनात्मक लेखन कौशल की वर्तमान स्थिति, अब तक मिले सकारात्मक परिणामों तथा इसमें और अधिक दक्षता हासिल करने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित करते हुए बताया कि किस तरह प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की मौलिक सोच को शब्दों में ढालने के अवसर दिए जा सकते हैं।सत्र के दौरान प्रधान पाठकों ने ड्राइंग शीट और विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक दीवार पत्रिकाओं का जीवंत प्रदर्शन किया। उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए रेखांकित किया कि दीवार पत्रिका और प्रायोगिक गतिविधियों से बच्चों की कल्पनाशक्ति का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही छात्रों के भाषाई आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है तथा लेखन के दौरान होने वाली मात्राओं की अशुद्धियां भी निरंतर कम हो रही हैं। इस अवसर पर संकुल समन्वयक हरीश दीवान, रोशन चंद्राकर, अमित अग्रवाल, संतोष सोनी, अभिषेक तिवारी, नूतन मण्डले और डोमन डहरिया सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। वहीं, नर्सिंगदास मानिकपुरी, संतोष चंद्राकर, छोटूराम साहू, अरविंद वैष्णव, उमेंद्र चंद्राकर, दिगम्बर बरीहा, लक्षण लहरी, तुलाराम पाल, उत्तम ध्रुव, जया वर्मा, अनुसुइया साहू, इंद्रा साहू, रुक्मणि पटेल, ज्योति मिंज और शीला गुरु गोस्वामी सहित 37 प्रधान पाठकों ने सहभागिता निभाकर इस कार्यशाला को सफल बनाया।
विनोद गुप्ता-आरंग



