जल संसाधन विभाग में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 60% पद रिक्त-मुख्यमंत्री से की नियमित भर्ती की मांग
आरंग। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे “जल ही जीवन है” के नारे के बीच प्रदेश के जल संसाधन विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 60 प्रतिशत पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। अमले की कमी से जहां नहरों का रखरखाव प्रभावित हो रहा है और पानी की बर्बादी नहीं रुक पा रही, वहीं कार्यालयीन कामकाज की गुणवत्ता पर भी गहरा असर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को ईमेल के जरिए ज्ञापन भेजकर रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विभाग में तृतीय श्रेणी के स्वीकृत 4679 पदों में से 2750 और चतुर्थ श्रेणी के स्वीकृत 803 पदों में से 553 पद खाली हैं। मैदानी व तकनीकी संवर्ग में उप अभियंता (सिविल) के स्वीकृत 1303 में से 840, अमीन के 691 में से 464, सिंचाई निरीक्षक के 20 में से 05 और बांध निरीक्षक के 16 में से 12 पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा भू-गर्भ/भौमिक/भूजलविद सहायक के स्वीकृत सभी 19, भू-रसायन सहायक के सभी 04, चैनमैन के सभी 12 और मुख्य मानचित्रकार के स्वीकृत सभी 06 पद शत-प्रतिशत खाली हैं।तकनीकी शाखा में उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 173 में से 65, मानचित्रकार (सिविल) के 81 में से 25, मानचित्रकार (विद्युत/यांत्रिकी) के 12 में से 07, सहायक मानचित्रकार (सिविल) के 96 में से 33, सहायक मानचित्रकार (विद्युत/यांत्रिकी) के 15 में से 13, अनुरेखक (सिविल) के 134 में से 117, अनुरेखक (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 में से 08, अनुसंधान सहायक के 25 में से 22, प्रयोगशाला तकनीशियन के 25 में से 22, प्रयोगशाला सहायक के 10 में से 03, असिस्टेंट प्रोग्रामर के 05 में से 03 और वायरलेस ऑपरेटर के 02 में से 01 पद रिक्त है।कार्यालयीन व्यवस्था में वरिष्ठ अधीक्षक के 09 में से 07, मंडल स्तर अधीक्षक के 17 में से 10, निज सहायक ग्रेड-1 के 08 में से 04, निज सहायक ग्रेड-2 के 11 में से 03, शीघ्रलेखक ग्रेड-3 के 19 में से 03, सहायक ग्रेड-1 के 70 में से 29, सहायक ग्रेड-2 के 557 में से 142, सहायक ग्रेड-3 के 784 में से 481, डाटा एंट्री ऑपरेटर के 366 में से 290, स्टेनो टाइपिस्ट के 87 में से 59 और संभागीय लेखापाल के 59 में से 26 पद खाली पड़े हैं। चतुर्थ श्रेणी में प्रोसेस सर्वर के 22 में से 20, वाहन चालक के 38 में से 20, दफ्तरी के 77 में से 56, भृत्य के 641 में से 421, चौकीदार के 21 में से 20, फर्राश/स्वीपर के 20 में से 16 तथा प्रयोगशाला परिचारक के सभी 08, जमादार का 01 व प्रयोगशाला अनुचर का 01 पद रिक्त है।भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कई पदों पर आउटसोर्सिंग व संविदा से काम चलाया जा रहा है, वहीं सेवानिवृत्ति के साथ पदों को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने फील्ड और दफ्तरों में सुचारु व गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सभी रिक्त पदों पर तत्काल नियमित नियुक्ति का आग्रह किया है।
विनोद गुप्ता-आरंग



