महासमुंद जिले में मानवता की अनूठी मिसाल: महासमुंद के कोठारी परिवार ने शोक की घड़ी में किया नेत्रदान, दो लोगों के जीवन में जलेगी उम्मीद की नई रोशनी

महासमुंद, 25 जुलाई 2026। महासमुंद में मानवता, संवेदनशीलता और समाज सेवा का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। परिवार के एक सदस्य के निधन के गहरे दुख के बीच बागबाहरा रोड स्थित (पतंजलि केंद्र के समीप) कोठारी परिवार ने ऐसा निर्णय लिया, जो आने वाले समय में अनेक लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्य पूज्य छोटालाल कोठारी जी के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को श्री छोटालाल कोठारी जी का आकस्मिक निधन हो गया। परिवार शोक में डूबा हुआ था, लेकिन इसी कठिन समय में परिवार के सदस्य श्री रमेश कुमार जैन ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दिवंगत की आंखें दान करने का निर्णय लिया। उन्होंने तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग की नेत्रदान टीम से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया शुरू कराने की पहल की।
सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग की नेत्र विंग की विशेषज्ञ टीम तत्काल मौके पर पहुंची। चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने पूरी संवेदनशीलता, गरिमा और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई। नेत्रों को सुरक्षित रूप से संकलित कर मेडिकल कॉलेज महासमुंद स्थित आई बैंक सेंटर में जमा कराया गया, जहां से भविष्य में दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की संभावना बनेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करना अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे में परिवार की तत्परता और सहयोग के कारण यह पुनीत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। विशेषज्ञों का मानना है कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो नेत्रहीन लोगों को दृष्टि मिल सकती है, जिससे उनका जीवन पूरी तरह बदल सकता है।
यह संपूर्ण प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन तथा मेडिकल कॉलेज महासमुंद के संयुक्त संचालक डॉ. बसंत माहेश्वरी के दिशा-निर्देश में संपन्न हुई। वहीं नेत्र सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल गोरियार ने पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व किया और आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
इस दौरान सहायक नोडल अधिकारी ए.के. यादव, उमेश कुमार गोतमारे सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए नेत्रदान की प्रक्रिया को सम्मानपूर्वक पूर्ण कराया।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल गोरियार ने दिवंगत श्री छोटालाल कोठारी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेत्रदान सबसे श्रेष्ठ दानों में से एक है। उन्होंने कोठारी परिवार तथा विशेष रूप से श्री रमेश कुमार जैन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नेत्रदान के महत्व को समझें और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। किसी व्यक्ति का जीवन भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन उसके नेत्र किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में हमेशा के लिए उजाला ला सकते हैं। कोठारी परिवार का यह निर्णय न केवल महासमुंद जिले बल्कि पूरे समाज के लिए मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरक संदेश है।

