निजीकरण, आउटसोर्सिग,ठेका प्रथा, सहित स्वास्थ्य कर्मचारियो की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर स्वास्थ्य कर्मचारी
रायपुर।12 जुलाई 2026ः- छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय कार्यालय मे प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय के नेतृत्व और संरक्षक/सलाहकार ओ.पी.शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश स्तरीय महासमिति की बैठक संपन्न हुआ। बैठक मे स्वास्थ्य विभाग का निजीकरण आटसोर्सिंग, ठेका प्रथा, स्वास्थ्य कर्मचारियो का वेतनमान के संबंध मे शासन स्तर पर लंबित विभागीय प्रस्ताव को लागू करने, दैनिक वेतन भोगी, जीवनदीप, संविदा कर्मचारियो का शोषण, प्रदेश के संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियो को समान कार्य समानवेतन दिये जाने, और कर्मचारी हित से जुडे मुद्दो पर चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। बैठक के मुख्य एंजेडाः- पैथालाजी और फार्मेसी, एच.एल.एल. कंपनी को सौंपे जाने के बाद निजीकरण के बाद कर्मचारियों की भविष्य को देखते हुए निजीकरण का विरोध करने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग मे दूसरे प्रदेश के चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल कोर्स के लिए पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त किये जाने से प्रदेश के हेल्थ सेक्टर से जुडे युवाओ के रोजगार का अवसर कम होगा जबकि स्वास्थ्य विभाग से जुडे़ कर्मचरियो, अधिकारियो के हजारो बच्चे चिकित्सक, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल कोर्स कर अपना भविष्य तलाश रहे है, पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त किए जाने से प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग मे फर्जी डिग्री डिप्लोमाधारी लोगो का प्रवेश की आंशका बढ जाएगा जिससे स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील प्रोफेशन मे गुणवत्तापूर्ण ईलाज पर भी सवालिया निशान खडा हो जाएगा।शासन स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियो के पुनरीक्षित वेतनमान दिये जाने लंबित विभागीय प्रस्ताव पर कार्यवाही कर लागू किये जाने, विभाग के सेट्अप मे स्वीकृत रिक्त पदो पद तत्काल नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया प्रांरभ किय जाने, शासन स्तर पर लंबित अन्य मांगे,संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन दिये जाने,शासन स्तर पर लंबित अन्य मांगे, संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियो केा समान कार्य समान वेतन दिये जाने, जीवनदीप कर्मचारियो के हो रहे शोषण को देखते हुए प्रदेश मे जीवनदीप कर्मचारियो के संबंध मे एक स्पष्ट निती निर्धारण करने प्रदेश मे स्वास्थ्य आयोग का गठन किये जाने को लेकर छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किये जाने के निर्णय लिया गया। बैठक में कर्मचारी अधिकारी महासंघ के संयोजक अनिल शुक्ला ने बताया की कर्मचारियो अधिकारियो के साथ-साथ आम जनता के हित मे भी नही होगा, और आश्वस्त किया गया कि महासंघ स्वास्थ्य विभाग के इन मांगो का पूर्ण समर्थन करता है।छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने संघ के सभी पदाधिकारियो को एकजुट होकर निजीकरण, ठेका प्रथा, और कर्मचारी हित की मांगो को लेकर आंदोलन के लिए तैयार रहने का आव्हान किया और प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियो (नियमित, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, जीवनदीप) को एकजुट होकर संघ का साथ देने का अनुरोध भी किया।महासमिति और कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से आंदोलन के प्रथम चरण की घोषण कीः- आंदोलन के प्रथम चरण में 22 जुलाई को प्रदेश समस्त जिला मुख्यालय मे संघ पदाधिकारियो और कर्मचारियो द्वारा अपने मांग के समर्थन मे नारेबाजी कर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।प्रथम चरण के आंदोलन के बाद यदि सरकार द्वारा मांगे पूरी नही की जाती है तो अनिश्चित कालीन आंदोलन भी किया जायेगा।महासमिति की बैठक मे प्रदेश भर के प्रांतीय पदाधिकारी, प्रांतीय संयोजक, संभागीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष एवं बडी संख्या मे कर्मचारी उपस्थित रहे।
विनोद गुप्ता-आरंग



