तहसीलदार के अवकाश में चले जाने से आरंग तहसील में काम काज ठप्प-किसान और विद्यार्थी ज्यादा परेशान
आरंग। आरंग तहसील पिछले 10 दिन से नियमित तहसीलदार के बिना संचालित हो रही है, जिससे राजस्व कार्यों की रफ्तार थम सी गई है। इसका सीधा असर किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।जानकारी के अनुसार तहसीलदार श्रीमती ज्योति मासियारे कुछ कारणों से एक माह के अवकाश का आवेदन एसडीएम को सौंपकर छुट्टी ली है। एसडीएम द्वारा इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी दे दी गई, लेकिन अब तक किसी अन्य अधिकारी को तहसीलदार का प्रभार नहीं सौंपा गया है। परिणामस्वरूप राजस्व संबंधी अनेक महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हैं।तहसील कार्यालय में जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा सहित अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी हो रही है। विद्यार्थियों को प्रवेश, छात्रवृत्ति एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, वहीं किसानों के भूमि संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि दूर-दराज के गांवों से आने के बावजूद उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते किसी अधिकारी को प्रभार सौंप दिया जाता, तो आम जनता को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आरंग तहसील में शीघ्र वैकल्पिक प्रभार की व्यवस्था अथवा नियमित तहसीलदार की पदस्थापना सुनिश्चित की जाए, ताकि लंबित राजस्व कार्यों का शीघ्र निराकरण हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।
विनोद गुप्ता-आरंग



