कोतवाली क्षेत्र में सक्रिय केबल चोरों से किसान परेशान, सूने फार्म हाउस और बोरवेल बन रहे निशाना

महासमुंद। कोतवाली थाना क्षेत्र में इन दिनों केबल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। खेतों में फसल कटाई के बाद अधिकांश किसान अपने बोरवेल और फार्म हाउस को अस्थायी रूप से खाली छोड़ देते हैं, जिसका फायदा उठाकर चोर गिरोह सक्रिय हो गए हैं। केबल वायर के साथ-साथ मोटर पंप, सबमर्सिबल उपकरण और घरों में लगे अन्य सामानों की भी चोरी की जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र के किसान भय और चिंता के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पिछले कुछ समय से केबल चोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अभी तक पुलिस चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।
ताजा मामला ग्राम लाफिन खुर्द का है, जहां किसान रेखराज साहू के फार्म हाउस को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि 25 मई की रात चोर फार्म हाउस में घुसे और करीब 70 से 80 मीटर केबल वायर चोरी कर ले गए। इतना ही नहीं, चोरों ने मकान का ताला तोड़कर अंदर रखे एक पंखे और एक एग्जॉस्ट पंखे पर भी हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद पीड़ित किसान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इसी तरह कुछ दूरी पर स्थित खिलेश कुमार साहू के बोरवेल से भी केबल वायर चोरी होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं और चोर लगातार किसानों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं।
किसानों में बढ़ रही चिंता
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि फसल कटने के बाद खेतों में लोगों की आवाजाही कम हो जाती है। इसी का फायदा उठाकर चोर रात के अंधेरे में बोरवेल और फार्म हाउसों को निशाना बनाते हैं। कई किसानों ने अपने खेतों में लगे महंगे केबल वायर, मोटर पंप और अन्य उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
कबाड़ी दुकानों पर निगरानी की मांग
ग्रामीणों का मानना है कि चोरी की गई केबल को अक्सर जलाकर उसमें से तांबा निकाला जाता है और बाद में कबाड़ी दुकानों में बेचा जाता है। ऐसे में पुलिस को कबाड़ी व्यवसाय से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि यदि चोरी का सामान खरीदने वालों पर कार्रवाई की जाए तो चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
इसके अलावा पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों की चोरी होने के मामलों में रिपेयरिंग दुकानों और सेकंड हैंड सामान खरीदने-बेचने वालों की भी जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चोरी का सामान आखिरकार किसी न किसी माध्यम से बाजार तक पहुंचता है, इसलिए खरीददारों पर भी कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस से गश्त बढ़ाने और जागरूकता अभियान की मांग
क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और गांवों में लगातार मुनादी एवं जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चोरी का सामान खरीदना भी अपराध है और इस संबंध में पुलिस द्वारा समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
बड़ा सवाल
कोतवाली क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के कई इलाकों से भी केबल वायर, मोटर पंप और सबमर्सिबल उपकरण चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लगातार हो रही इन चोरियों के पीछे सक्रिय गिरोह तक पुलिस कब पहुंचेगी और किसानों को राहत कब मिलेगी। क्षेत्र के लोग अब पुलिस से ठोस कार्रवाई और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
