सुशासन तिहार विवाद-अब कांग्रेस ने भी सौंपा ज्ञापन-की
निष्पक्ष जांच की मांग….
आरंग। मंदिरहसौद में सोमवार को आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में आज कांग्रेस कमेटी मंदिर हसौद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक शिकायती ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए सत्ता पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।कांग्रेस कमेटी का सीधा आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी के साथ राजनीतिक विद्वेष के तहत व्यवहार किया गया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को एकतरफा और तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, ताकि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि मौके पर मौजूद वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि विवाद की स्थिति निर्मित होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया था और अध्यक्ष को मंच से नीचे ले गए थे।कांग्रेस ने इस दौरान कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के अपमान और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शासकीय कार्यक्रम होने के बावजूद मंच पर निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को उचित स्थान नहीं दिया गया, जबकि प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर भाजपा पदाधिकारी मंच पर आसीन दिखाई दिए। यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है।ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पप्पू बंजारे जिला महामंत्री रेखाराम पात्रे, कांग्रेस अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम धीवर, उपेंद्र भारती, पार्षद पीतांबर सोनवानी, अनुज मिश्रा, बिंदु भूषण बघेल, राकेश मिश्रा, जितेंद्र चतुर्वेदी, एकता अवधेश मिश्रा, संगीता जायसवाल, निर्देश सिन्हा, तारणि पिंटू निर्मलकर, लक्की साहू, आर्यम जोशी, कमलेश भारती, प्रवीण भारती सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विनोद गुप्ता-आरंग



