कैंसर मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बना “अपना घर” — इंटास फाउंडेशन की मानवीय पहल
रायपुर। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आर्थिक रूप से भी मरीज एवं उनके परिवार को प्रभावित करती है। ऐसे कठिन समय में यदि किसी मरीज को सहारा, सुरक्षा और अपनापन मिल जाए, तो उपचार की राह थोड़ी आसान हो जाती है। इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 2023 से रायपुर में इंटास फाउंडेशन के CSR कार्यक्रम के अंतर्गत “अपना घर” संचालित किया जा रहा है, जो जरूरतमंद कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है।“अपना घर” उन मरीजों के लिए नि:शुल्क आवास, भोजन एवं परिवहन सुविधा उपलब्ध कराता है, जो अन्य शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से रायपुर इलाज के लिए आते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यहां ठहरने में असमर्थ होते हैं। कैंसर उपचार एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसमें मरीजों को कई दिनों तक अस्पताल में जांच, कीमोथेरेपी, रेडिएशन अथवा अन्य उपचार के लिए आना-जाना पड़ता है। ऐसे में रहने और भोजन की चिंता मरीज एवं उनके परिवार के तनाव को और बढ़ा देती है। “अपना घर” इस चिंता को कम करने का प्रयास कर रहा है।सिर्फ मूलभूत सुविधाएं ही नहीं, बल्कि संस्था मरीजों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को भी समान महत्व देती है। कैंसर उपचार के दौरान कई मरीज भय, तनाव, चिंता और निराशा जैसी भावनाओं से गुजरते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए “अपना घर” में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए काउंसलिंग सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। प्रशिक्षित काउंसलर मरीजों से संवाद कर उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और उपचार के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करते हैं।संस्था का मानना है कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग, आत्मविश्वास और संवेदनशील देखभाल से भी जीती जा सकती है। “अपना घर” इसी सोच के साथ मरीजों को एक सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण देने का प्रयास कर रहा है, जहां वे अपने उपचार के दौरान खुद को अकेला महसूस न करें।रायपुर के साथ-साथ देश के 45 राज्यों में संचालित यह पहल आज कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद और सहारे का प्रतीक बन चुकी है। इंटास फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा यह कार्य समाज में संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। संस्था का उद्देश्य आगे भी अधिक से अधिक जरूरतमंद कैंसर मरीजों तक सहायता पहुंचाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
विनोद गुप्ता-आरंग



