Close Menu
Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    What's Hot

    बड़ी खबर-साय केबिनेट की बैठक खत्म-इन दो फैसलों पर लगी मुहर…

    July 22, 2026

    केंद्रीय विद्यालय के नए भवन का शुभारंभ-छात्रों को शिक्षा और देशसेवा के लिए किया प्रेरित

    July 21, 2026

    कल 22 जुलाई को गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के विषय को लेकर बैठक-गौ भक्तों एवं सनातन धर्म प्रेमी, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य होंगे शामिल…

    July 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 22
    • बड़ी खबर
    • देश-विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महासमुंद
    • मोर किस्सा कहानी
    • राजनीति
    • आप की खबर
    • क्राइम
    • छग जनसंपर्क विभाग
    • अन्य
      • बॉलीवुड
      • क्रिकेट
      • स्वास्थ्य
      • जॉब-एजुकेशन
      • लाइफस्टाइल
      • योजनाएं
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Home»Blog»मैं डूब रहा हूं मुझे बचा लो….फिर क्या बाढ़ का पानी महादेव के चरण पखारने के बाद स्वतः ही कम हो जाता है…बुजुर्गाे का दावा सुबह नदी में दिखते है लंबे पैरो के निशान….
    Blog

    मैं डूब रहा हूं मुझे बचा लो….फिर क्या बाढ़ का पानी महादेव के चरण पखारने के बाद स्वतः ही कम हो जाता है…बुजुर्गाे का दावा सुबह नदी में दिखते है लंबे पैरो के निशान….

    Rekhraaz SahuBy Rekhraaz SahuFebruary 28, 2024
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले पावन नगरी राजिम में भगवान वास करते हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भगवान श्री राजीव लोचन और श्री कुलेश्वर महादेव है, जिसके आशीर्वाद से हर वर्ष राजिम मेला बिना किसी रूकावट के संपन्न होता है। इसके साथ ही प्रयाग क्षेत्र में स्थित लोमष ऋषि आश्रम है। लोमष ऋषि आश्रम के संदर्भ में कई किवदंतियाँ है।
    मान्यता है कि आज भी लोमष ऋषि सबसे पहले भगवान राजीव लोचन भगवान की पूजा अर्चना करते हैं। इसके कुछ साक्ष्य यहां के पुजारियों को परिलक्षित हुए। कहा जाता है कि भगवान श्री राम वन गमन के दौरान कुछ दिनों तक राजिम स्थित लोमष ऋषि के आश्रम में ठहरे थे और यहीं पर चित्रोत्पला गंगा महानदी की रेत में शिवलिंग बनाकर पूजा-आराधना की थीं। जिन्हें वर्तमान में कुलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।
    राजिम के कुछ बुजुर्गाे ने यहां तक दावा किया है कि सुबह नदी में कभी भी अचानक लंबे पैरो के निशान दिखाई देते हैं जो संभवतः लोमष ऋषि के ही हो सकते हैं। आज भी राजिम में लोमष ऋषि का आश्रम विद्यमान है। यहां उनकी एक आदमकद प्रतिमा स्थापित हैं जिनकी नित्य पूजा अर्चना किया जाता है। यहां पर बेल के अत्यधिक पेड़ होने के कारण इसे बेलाही घाट भी कहा जाता हैं। प्राकृतिक दृष्टि से भी यह बहुत मनोहारी है यहां आने से एक प्रकार से शांति का अनुभव होता है। राजिम कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह आस्था, श्रद्धा और आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। यह आकर श्रद्धालु घंटो समय व्यतीत करता है और अपनी थकान मिटाकर अपनी गणतव्य की आगे बढ़ते हैं।

    रेत से शिवलिंग बनाकर माता सीता ने की थी पूजा अर्चना

    मान्यता है कि वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता राजिम में स्थित लोमष ऋषि के आश्रम में कुछ दिन व्यतीत थे। उसी दौरान माता सीता ने नदी की रेत से भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा अर्चना की थी। तभी से इस शिवलिंग को कुलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। इस खुरदुरे शिवलिंग को माता सीता ने अपने हाथों से बनाया था, खुरदुरे निशानों को सीता जी के हस्त कमल के निशानों की संज्ञा दी जाती है।
    भगवान श्री कुलेश्वनाथ को लेकर मान्यता है कि बरसात के दिनों में कितनी भी बाढ़ आ जाए। यह मंदिर डूबता नहीं है। कहा जाता है बाढ़ से घिर जाने के बाद नदी के दूसरे किनारे पर बने मामा-भांचा मंदिर को गुहार लगाते हैं कि मामा मैं डूब रहा हूं मुझे बचा लो। तब बाढ़ का पानी कुलेश्वरनाथ महादेव के चरण पखारने के बाद बाढ़ का स्तर स्वतः ही कम होने लगाता है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Rekhraaz Sahu

    Related Posts

    बड़ी खबर-साय केबिनेट की बैठक खत्म-इन दो फैसलों पर लगी मुहर…

    July 22, 2026

    केंद्रीय विद्यालय के नए भवन का शुभारंभ-छात्रों को शिक्षा और देशसेवा के लिए किया प्रेरित

    July 21, 2026

    कल 22 जुलाई को गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के विषय को लेकर बैठक-गौ भक्तों एवं सनातन धर्म प्रेमी, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य होंगे शामिल…

    July 21, 2026
    ज़रूर पढ़ें

    बड़ी खबर-साय केबिनेट की बैठक खत्म-इन दो फैसलों पर लगी मुहर…

    Vinod GuptaJuly 22, 2026292 Views

    बड़ी खबर-साय केबिनेट की बैठक खत्म-इन दो फैसलों पर लगी मुहर… रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    प्रधान संपादक एवं स्वामी : रेखराम साहू

    मोबाइल न. : 8236012223
    ईमेल : rekhraazmsmd@gmail.com
    वेबसाइट : www.khabarchhattisgarhnews.com

    कार्यालय : बीटीआई रोड पुराना मलेरिया ऑफिस के पास वार्ड नंबर 29, जिला महासमुंद पिन: 493445
    © 2026 ख़बर छत्तीसगढ़ न्यूज़. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.