पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर कल 27 अगस्त से शिक्षकों का अनिश्चितकालीन आंदोलन
आरंग।शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, वेतन विसंगति दूर करने, सेवा सुरक्षा एवं सम्मानजनक पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के शिक्षक कल 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन की शुरुआत ‘सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा’ से होगी। शिक्षक नेताओं ने आंदोलन को चरणबद्ध एवं निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने की घोषणा की है।आंदोलन का नेतृत्व रविंद्र राठौर, मनीष मिश्रा, देवेंद्र हरमुख, प्रदीप पांडे, विकास राजपूत, राजू टंडन, कृष्ण कुमार नवरंग, अश्वनी कुर्रे, बसंत कौशिक, हेम कुमार साहू एवं पीताम्बर बंजारे सहित शिक्षक नेता करेंगे। मंच के अनुसार, मांगों के समाधान तक आंदोलन लगातार जारी रखा जाएगा।संभागवार घेराव की रणनीति के तहत रायपुर, बस्तर एवं दुर्ग संभाग के शिक्षक शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेंगे, जबकि बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के शिक्षक मुख्यमंत्री के निज निवास बगिया की ओर कूच करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए अब निर्णायक संघर्ष जरूरी हो गया है।शिक्षक साझा मंच ने कहा कि सेवा सुरक्षा, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना, वेतन विसंगति दूर करना और सम्मानजनक पदोन्नति उनकी प्रमुख मांगें हैं। सरकार की ओर से मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।रायपुर जिला अध्यक्ष लखेश्वर वर्मा एवं ब्लॉक आरंग अध्यक्ष धरम दास पाटिल ने जिले एवं विकासखंड के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होकर एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है।आरंग से अनिल कुमार चतुर्वेदी, घनश्याम धृतलहरे, डोमन डहरिया, महेंद्र कुमार साहू, राजमोहन श्रीवास्तव, छोटूराम साहू, विश्राम प्रसाद बंजारे, धीरेंद्र साहू, हुमन लाल साहू, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, विमल चंद, उदयराम साहू, रामकुमार ध्रुव, उत्तम सिंह बंजारे, अरुण पटेल, चंद्रशेखर साहू, गिरिजाशंकर अग्रवाल, सावित्री सोनकर, शीला गोस्वामी, भागेश्वरी धर्मगुड़ी, ज्योति तूरकाने, शकुंतला श्रीवास, चरण बर्मा, गिरीश राम लाखे, झुमुकलाल श्रीवास्तव, भावेश बंजारे, गरीबाराम साहू, राजकुमार नारंग एवं योगेश्वर साहू सहित अनेक शिक्षकों ने आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने की बात कही है।शिक्षक नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यक्तिगत मांगों का नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा संघर्ष है। उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों से 27 अगस्त से शुरू होने वाली ‘सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा’ में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
विनोद गुप्ता-आरंग

