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    Home»Blog»‘संपर्क पाठशाला’ के तहत गणित एवं अंग्रेज़ी विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न-राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मिलेगी नई गति….
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    ‘संपर्क पाठशाला’ के तहत गणित एवं अंग्रेज़ी विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न-राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मिलेगी नई गति….

    Vinod GuptaBy Vinod GuptaJuly 15, 2026168 Views
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    ‘संपर्क पाठशाला’ के तहत गणित एवं अंग्रेज़ी विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न-राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मिलेगी नई गति….

    आरंग। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (FLN) को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विकासखंड आरंग में ‘संपर्क पाठशाला’ के अंतर्गत गणित एवं अंग्रेज़ी विषय पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का सफल आयोजन बीआरसीसी शैक्षिक हॉल में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा एवं विकासखंड केंद्र स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में विकासखंड के प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आधुनिक, गतिविधि-आधारित एवं तकनीक-सक्षम शिक्षण पद्धतियों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा भयमुक्त, आनंदमय एवं बाल-केंद्रित शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहाँ प्रत्येक बच्चा सहजता, आत्मविश्वास और उत्साह के साथ सीख सके। प्रशिक्षण में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, तार्किक सोच, संप्रेषण कौशल तथा समस्या समाधान क्षमता का विकास करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा ने कहा कि संपर्क फाउंडेशन द्वारा संचालित संपर्क पाठशाला एवं संपर्क स्मार्ट शाला जैसी पहलें विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक गतिविधि-आधारित शिक्षण और डिजिटल संसाधनों का नियमित उपयोग करें तो बच्चों के सीखने के परिणामों में निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। विकासखंड केंद्र स्रोत समन्वयक सुरेंद्र सिंह चंद्रसेन ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रतिदिन गृहकार्य देने, विद्यार्थियों की कॉपियों का नियमित मूल्यांकन करने तथा सुधारात्मक टिप्पणियाँ लिखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एफएलएन के प्रभावी क्रियान्वयन में संपर्क फाउंडेशन का सहयोग अत्यंत सराहनीय है और यह पहल बच्चों के आधारभूत भाषा एवं गणितीय कौशल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (FLN), गतिविधि-आधारित शिक्षण, खेल-आधारित अधिगम तथा बच्चों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया कि भयमुक्त एवं आनंददायक वातावरण में सीखने वाले बच्चे अधिक आत्मविश्वास के साथ सीखते हैं और उनकी सीखने की गति भी बेहतर होती है।संपर्क फाउंडेशन के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर राजेश साहू एवं विजय अनेश्वरी ने अत्यंत सरल, प्रभावशाली एवं व्यवहारिक शैली में प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से गणित एवं अंग्रेज़ी विषय की अनेक रोचक गतिविधियों का प्रदर्शन किया तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण के व्यवहारिक मॉडल प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए, कक्षा शिक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की तथा अपनी जिज्ञासाएँ रखीं। प्रशिक्षकों ने सभी प्रश्नों एवं शंकाओं का धैर्यपूर्वक और संतोषजनक समाधान करते हुए शिक्षकों को व्यवहारिक सुझाव दिए, जिससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ।प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण संपर्क स्मार्ट शाला (संपर्क टीवी) का प्रदर्शन रहा। प्रशिक्षकों ने बताया कि आज के डिजिटल युग में मल्टीमीडिया आधारित शिक्षण बच्चों के लिए सीखने को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बनाता है। संपर्क स्मार्ट शाला के माध्यम से बच्चे गणित एवं अंग्रेज़ी की शिक्षा आकर्षक एनिमेशन, कार्टून, ऑडियो-वीडियो सामग्री और गतिविधि-आधारित शिक्षण के जरिए आसानी से समझ सकेंगे। इससे कठिन विषय भी बच्चों के लिए सहज और आनंददायक बनेंगे।शिक्षकों को यह भी बताया गया कि संपर्क स्मार्ट शाला प्लेटफ़ॉर्म पर लेसन प्लान, वर्कशीट, कॉन्सेप्ट वीडियो, बी-फीट, ‘तेज़ दिमाग’ गतिविधियाँ तथा गेमिफाइड असेसमेंट जैसी समृद्ध डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। इन संसाधनों के माध्यम से शिक्षक कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बना सकेंगे और बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। इससे बच्चों की फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (FLN) दक्षताओं में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा उनकी भाषा दक्षता, गणितीय समझ, तार्किक सोच और रचनात्मक क्षमता का विकास होगा।प्रशिक्षण के दौरान संपर्क पाठशाला के अंतर्गत गणित एवं अंग्रेज़ी विषयों पर आधारित प्रश्नोत्तरी एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी विषयगत समझ का प्रदर्शन किया। इस सत्र ने प्रतिभागियों में सीखने के प्रति उत्साह और नवाचार आधारित शिक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया।इस अवसर पर विद्यालयों के लिए संपर्क स्मार्ट शाला डिवाइस का वितरण भी किया गया, ताकि प्रत्येक विद्यालय आधुनिक डिजिटल शिक्षण संसाधनों से सशक्त होकर बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचा सके। साथ ही संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक विनीत नायर के प्रेरणादायी संदेश एवं वीडियो भी प्रदर्शित किए गए। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे बड़ा आधार प्रेरित शिक्षक, नवाचार और तकनीक का प्रभावी समन्वय है।कार्यशाला का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि संपर्क पाठशाला एवं संपर्क स्मार्ट शाला जैसी अभिनव पहलें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। गतिविधि-आधारित शिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीक और शिक्षकों के समर्पित प्रयासों से विद्यालयों में बच्चों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास, आनंद और उत्साह के साथ सीखते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
    विनोद गुप्ता-आरंग

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    Vinod Gupta

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