पानी की कमी से निदाई और दवा छिड़काव प्रभावित होने की आशंका-महानदी मुख्य नहर में पानी की मात्रा बढ़ाने की मांग
आरंग। बीते दो माह के दौरान क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के चलते किसानों को नहर के पानी की आवश्यकता महसूस नहीं हुई। खेतों में पर्याप्त पानी ठहरा रहने से सिंचाई का काम बारिश के भरोसे ही चलता रहा। अब खेतों में जमा पानी सूखने लगा है और धान की फसल को सिंचाई की जरूरत महसूस होने लगी है। ऐसे में किसानों ने महानदी मुख्य नहर में पानी की मात्रा बढ़ाने की मांग की है।किसानों का कहना है कि खेतों में पानी सूखने के कारण धान की फसल में निदाई तथा दवा छिड़काव जैसे जरूरी कृषि कार्य प्रभावित होने की कगार पर हैं। समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल की देखरेख में परेशानी बढ़ सकती है।वर्तमान में महानदी मुख्य नहर में करीब 2500 क्यूसेक पानी बह रहा है, लेकिन इसकी मात्रा कम होने के कारण आउटलेट और कुलापों में पर्याप्त पानी नहीं चढ़ पा रहा है। इससे नहर पर निर्भर खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचने में दिक्कत हो रही है।किसानों ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि महानदी मुख्य नहर में पानी की मात्रा बढ़ाई जाए, ताकि आउटलेट व कुलापों में पर्याप्त पानी पहुंच सके और किसानों को धान की फसल के लिए समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके।
विनोद गुप्ता-आरंग



