वेतनमान में गड़बड़ी पर हल्लाबोल-लगा गलत प्रस्ताव भेजने का आरोप-सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
आरंग। प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने अपने वेतनमान में हुई कथित गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के आह्वान पर बुधवार, 22 जुलाई को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में जोरदार प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालकर जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रायपुर में जिलाध्यक्ष सरिता साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने विभागीय अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर हुई घोर अनदेखी के कारण प्रदेश के 3,700 से अधिक सीएचओ अपने वाजिब हक और उचित वेतनमान से वंचित हैं।संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना में वेतनमान पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को विधिवत मंजूरी दी गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने केंद्र सरकार को स्वीकृत निर्णय के विपरीत पुराना प्रस्ताव ही भेज दिया। इसी प्रशासनिक चूक की वजह से नया वेतनमान अटक गया है।सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त अभिलेखों, शासी निकाय की बैठकों के कार्यवृत्त और भारत सरकार द्वारा जारी रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (आरओपी) के अध्ययन से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दस्तावेजों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने वही प्रस्ताव मंजूर किया जो राज्य स्तर से भेजा गया था। यानी केंद्र की तरफ से कोई रोक नहीं थी, बल्कि राज्य स्तर के अधिकारियों ने ही अनुमोदित निर्णय के अनुरूप प्रस्ताव प्रेषित नहीं किया।संघ के अनुसार आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ऑपरेशनल गाइडलाइंस में सीएचओ के लिए 25,000 रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय और कार्य-आधारित प्रोत्साहन राशि का स्पष्ट प्रावधान है। इसके बाद भी कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, जो शासन के निर्णयों की अवहेलना और सेवा नियमों का खुला उल्लंघन है।अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए संघ ने मांग की है कि संपूर्ण प्रकरण की मुख्य सचिव स्तर अथवा किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही शासी निकाय के निर्णय के विपरीत गलत प्रस्ताव भेजने वाले दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक व वैधानिक कार्रवाई की जाए। संघ ने अनुपूरक पीआईपी के माध्यम से अनुमोदित वेतनमान का प्रस्ताव तत्काल केंद्र सरकार को फिर से भेजने और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वेतनमान पुनर्निर्धारित कर एरियर सहित समस्त वित्तीय लाभ प्रदान करने की मांग की है।छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह शासन के विधिवत निर्णयों के सम्मान, प्रशासनिक पारदर्शिता और प्रदेश के हजारों सीएचओ कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संवेदनशील मुख्यमंत्री इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेकर जल्द न्यायोचित निर्णय लेंगे।रायपुर में ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपचंद निषाद, संभाग अध्यक्ष मुकेश टंडन, जिला अध्यक्ष सरिता साहू, जिला उपाध्यक्ष अनमोल एंड्रयू, जिला सचिव कमल बर्मन, ब्लॉक अध्यक्ष रजनी, रवि कुमार साहू, भूपेंद्र श्रीवास, पायल सुखदेव, निधि, इंदु, माधुरी, काजल, मोनिका और हेमपुष्पा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
विनोद गुप्ता-आरंग




