अब किसानों को रकबे के अनुसार मिलेगा खाद
आरंग। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरक वितरण को लेकर नई कार्ययोजना जारी कर दी गई है। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पिछले वर्ष 2025 में वितरित उर्वरक मात्रा के आधार पर इस वर्ष किसानों को सीमित मात्रा में यूरिया तथा डीएपी/एनपीके खाद उपलब्ध कराया जाएगा। शासन ने इस बार यूरिया का 80 प्रतिशत तथा डीएपी/एनपीके का 60 प्रतिशत वितरण करने के निर्देश दिए हैं।जारी आदेश के अनुसार पूर्व में प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी वितरण के मानक को आधार बनाकर नई गणना तय की गई है। इसके तहत अब 1 एकड़ वाले किसान को 2 बोरी यूरिया तथा 1 बोरी डीएपी/एनपीके दिया जाएगा। वहीं 2 एकड़ के किसान को 3 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी, 3 एकड़ पर 5 बोरी यूरिया व 2 बोरी डीएपी, 4 एकड़ पर 6 बोरी यूरिया व 2 बोरी डीएपी तथा 5 एकड़ वाले किसानों को 8 बोरी यूरिया और 3 बोरी डीएपी/एनपीके उपलब्ध कराया जाएगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के कुल रकबे के अनुसार गणना कर उर्वरक वितरण किया जाएगा। गणना के दौरान यदि दशमलव 1.49 तक रहेगा तो नीचे की पूर्ण संख्या मानी जाएगी, जबकि 1.50 या उससे अधिक होने पर अगली पूर्ण संख्या के अनुसार खाद दिया जाएगा।शासन ने किसानों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर वितरण व्यवस्था भी तय की है। 2.5 एकड़ तक के सीमांत कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर एकमुश्त खाद वितरण किया जाएगा।2.5 से 5 एकड़ तक के लघु कृषकों को दो किस्तों में खाद मिलेगा, जिसमें दूसरी किस्त पहली किस्त के 20 दिन बाद दी जाएगी।वहीं 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले दीर्घ कृषकों को तीन समान किस्तों में उर्वरक वितरित किया जाएगा। दूसरी किस्त 20 दिन बाद तथा तीसरी किस्त दूसरी किस्त के 20 दिन बाद प्रदान की जाएगी।विभाग ने सभी जिला अधिकारियों और सहकारी समितियों को निर्देश दिया है कि सीमांत एवं लघु किसानों को प्राथमिकता देते हुए समय पर उर्वरक वितरण सुनिश्चित करें। शासन ने यह भी कहा है कि संदर्भित आदेश के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को खाद संकट का सामना न करना पड़े।
विनोद गुप्ता-आरंग



