ग्राम टेकारी में परम्परागत रूप से मनाया गया ‘मंगल त्यौहार-खेती-किसानी का काम रहा बंद
आरंग।ग्राम टेकारी (कुंडा) में प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए बीते मंगलवार (22 सितंबर) को सामूहिक रूप से ‘मंगल त्यौहार’ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर ग्रामीणों ने खेती-किसानी के सभी कार्यों को पूरी तरह बंद रखा और ग्राम के सुखद भविष्य की कामना की।
बजरंग बली मंदिर में पूजा और हवन
आयोजन के तहत अपराह्न में समस्त ग्रामवासियों ने हनुमान (बजरंग बली) मंदिर में एकत्रित होकर विधिवत पूजा-पाठ और हवन का कार्यक्रम संपन्न किया। इस धार्मिक अनुष्ठान में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर और पूरी सक्रियता के साथ हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में व्यक्तिगत रूप से नारियल फोड़ने वालों की खासी भीड़ देखी गई, जहाँ परंपरा के अनुसार फोड़े गए नारियल का आधा हिस्सा श्रद्धालुओं को वापस लौटाया गया और शेष आधे हिस्से का उपयोग सामूहिक प्रसाद के रूप में किया गया।
कई पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
ग्रामीणों के अनुसार, यह अनूठी परंपरा कब से शुरू हुई, इसकी सटीक जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन यह कई पीढ़ियों से अनवरत चली आ रही है। भादो मास के किसी एक मंगलवार को ग्राम सभा के निर्णय अनुसार यह त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष यह आयोजन भादो मास के अंतिम मंगलवार (22 सितंबर) को संपन्न हुआ।
सामूहिक सहभागिता और पारदर्शिता
त्यौहार के सफल आयोजन के लिए ग्रामीणों में अद्भुत एकता और उत्तरदायित्व देखने को मिलता है। आयोजन के खर्च के लिए प्रत्येक राशन कार्ड से 20 रुपये की राशि निर्धारित की जाती है, जिसे संबंधित वार्ड के पंचों के माध्यम से स्वेच्छा से एकत्रित किया जाता है। इस राशि का पूरा उपयोग आयोजन में होता है और हर साल ग्रामीण सभा की बैठक में इसका पारदर्शी हिसाब-किताब भी रखा जाता है।
विनोद गुप्ता-आरंग



