वन विभाग से सेवानिवृत्त हुए हरिराम साहू का जरौद में ऐतिहासिक स्वागत-गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य रैली
आरंग-कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की लंबी पारी खेलकर जब कोई व्यक्ति अपने घर लौटता है, तो उसका सम्मान किसी उत्सव से कम नहीं होता। ऐसा ही कुछ नजारा आज ग्राम जरौद में देखने को मिला, जहाँ वन विभाग में अपनी सेवाएँ पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए श्री हरिराम साहू का ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत किया।
फूल-मालाओं से लद गए हरिराम, भावुक हुए ग्रामीण
हरिराम साहू ने वन विभाग में एक लंबे समय तक अपनी निष्ठावान सेवाएँ दीं। उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात जैसे ही वे अपने गृह ग्राम जरौद पहुँचे, ग्रामीणों ने उनके सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ी। गाँव की सीमा पर सैकड़ों की संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाएँ एकत्रित हुए।जैसे ही वे वाहन से उतरे, पूरा वातावरण उत्साहपूर्ण नारों से गूँज उठा। ग्रामीणों ने उन्हें फूलों के हारों से लाद दिया और गुलाल उड़ाकर अपनी खुशी जाहिर की।
गाजे-बाजे के साथ पूरे गाँव में भ्रमण
स्वागत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और पारंपरिक बाजे के साथ एक भव्य रैली निकाली। श्री साहू को पूरे गाँव का भ्रमण कराया गया। जगह-जगह लोगों ने अपने घरों के सामने आरती उतारकर और तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया।
”यह केवल एक व्यक्ति की सेवानिवृत्ति नहीं है, बल्कि उनकी ईमानदारी और गाँव के प्रति उनके प्रेम का सम्मान है।” — कली राम साहू ( ग्रामीण)
विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब
भ्रमण के पश्चात आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में वक्ताओं ने हरिराम जी के कार्यकाल और उनके मिलनसार व्यक्तित्व की प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि वन विभाग जैसी कठिन सेवा में रहते हुए भी उन्होंने हमेशा समाज और गाँव के हितों का ध्यान रखा। इस अवसर पर श्री हरिराम साहू भी भावुक नजर आए। उन्होंने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “विभागीय सेवा से भले ही मैं निवृत्त हुआ हूँ, लेकिन अपने गाँव और समाज की सेवा के लिए मैं सदैव तत्पर रहूँगा।”
विनोद गुप्ता-आरंग



