ड्रेस कोड का फरमान वापस ले कॉलेज प्रशासन-NSUI ने सौंपा ज्ञापन-दी आंदोलन की चेतावनी
आरंग। बद्रीप्रसाद लोधी शासकीय महाविद्यालय में नए सत्र के साथ प्रस्तावित ड्रेस कोड और चरमराई बुनियादी सुविधाओं को लेकर एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर छात्रों की समस्याओं का अविलंब निराकरण करने की मांग की। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया तो उग्र जनआंदोलन किया जाएगा।विधानसभा अध्यक्ष अजीत कोसले के मार्गदर्शन में पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय में अनिवार्य किए जा रहे ड्रेस कोड पर कड़ा ऐतराज जताया। एनएसयूआई का कहना है कि संस्था में अधिकांश विद्यार्थी मध्यम व निर्धन वर्ग से आते हैं। ऐसे में अचानक ड्रेस कोड थोपने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर हो सकता है।ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए हाई-कैपेसिटी वाटर कूलर लगाने, शौचालय व परिसर की नियमित साफ-सफाई कराने, वर्षों से खाली पड़े अंग्रेजी शिक्षक के पदों पर तत्काल भर्ती करने तथा दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए कॉलेज कैंटीन शुरू करने की प्रमुख मांग रखी।आर-पार के मूड में छात्र संगठन इस दौरान विधानसभा महासचिव मोहन पटेल और देवकुमार रात्रे ने कहा कि ये तमाम मुद्दे विद्यार्थियों के दैनिक जीवन और शैक्षणिक भविष्य से सीधे जुड़े हैं। यदि कॉलेज प्रशासन ने जल्द सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो एनएसयूआई छात्रों के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी, जिसकी समस्त जवाबदेही महाविद्यालय प्रबंधन की होगी।इस अवसर पर कान्हा टंडन, अभिषेक गायकवाड़, पवास जांगड़े, वरुण साहू, आर्यन सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालयीन छात्र एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विनोद गुप्ता-आरंग



