छत्तीसगढ़ अर्बन इंजीनियर्स एसोसिएशन ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग के सचिव को सौंपा ज्ञापन-की ये मांग…
रायपुर।छत्तीसगढ़ अर्बन इंजीनियर्स एसोसिएशन ने 11 जून 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विकास विभाग के सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन संघ के प्रांत अध्यक्ष विद्यानंद मधुकर यादव। प्रांत उपाध्यक्ष श्रीकांत मुरलीधरना,सचिव दुलेश्वर सोनभद्र एवं कोषाध्यक्ष मनीष स्वर्णकार के नेतृत्व में दिया गया है जिसमें नगरीय प्रशासन विभाग के तकनीकी अधिकारियों की सेवा संबंधी विसंगतियों, पदोन्नति में असमानता, संवर्गीय भेदभाव, रिक्त तकनीकी पदों पर पदोन्नति, वेतन भुगतान एवं गोपनीय चरित्रावली व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है तथा उपरोक्त ज्ञापन के संबंध में जानकारी देते हुए संघ के कोषाध्यक्ष मनीष स्वर्णकार ने बताया कि ज्ञापन में छत्तीसगढ़ अर्बन इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विकास विभाग के सचिव का ध्यान विभाग में कार्यरत तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्षों से लंबित सेवा संबंधी गंभीर समस्याओं की और आकृष्ट करवाया गया है एवं संघ ने बताया है कि हाल ही में नगर निगम बिलासपुर द्वारा जारी सहायक अभियंता पदोत्रति आदेश के अवलोकन से यह तथ्य पुनः स्पष्ट हुआ है कि विभाग में समान चयन प्रक्रिया से नियुक्त अधिकारियों के मध्य केवल पदस्थापना के आधार पर पदोन्नति के अवसरों में गंभीर असमानता विद्यमान है। यह स्थिति न केवल प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत समान अवसर एवं समानता के अधिकार की भावना के भी प्रतिकूल है।
संघ ने बताएं सचिव महोदय को विधिक एवं संवैधानिक आधार
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को विधि के समक्ष समानता एवं समान संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है।
02- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 16 (1) लोक सेवाओं में समान अवसर की गारंटी देता है।
03- माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न निर्णयों में यह सिद्धांत स्थापित किया है कि समान चयन प्रक्रिया एवं समान प्रकृति के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ केवल प्रशासनिक
वर्गीकरण के आधार पर अनुचित भेदभाव नहीं किया जा सकता।
04- छत्तीसगढ नगरपालिका सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2019 का उद्देश्य नगरपालिका सेवा के कर्मचारियों हेतु सुव्यवस्थित एवं न्यायसंगत सेवा संरचना सुनिश्चित करना है। किंतु वर्तमान व्यवस्था में तकनीकी संवर्ग के पदोत्रति अवसर अत्यंत सीमित एवं असमान हैं।
तथ्यों को बताते हुए संघ ने कहा उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में हमारी निम्नलिखित मांगें रखी
01- नगर निगम एवं नगरपालिका/नगर पंचायत संवर्ग की एकीकृत वरिष्ठता सूची तैयार कर पदोत्रति प्रदान की जाए नगर निगमों में कार्यरत वर्ष 2016 एवं उसके पश्चात नियुक्त कनिष्ठ उप अभियंताओं को नियमित रुप से सहायक अभियंता पद पर पदोत्रति प्रदान की जा रही है. जबकि नगरपालिका एवं नगर पंचायत संवर्ग के अनेक अधिकारी, जिनमें वर्ष 2005-06 बैच के उप अभियंता भी शामिल हैं, आज तक प्रथम पदोन्नति से वंचित है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि सभी अधिकारियों का चयन एक ही विभाग द्वारा किया गया। चयन एक ही व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की परीक्षा एवं एक ही मेरिट सूची के माध्यम से हुआ। नियुक्ति आदेश संचालनालय द्वारा जारी किए गए। केवल पदस्थापना के आधार पर किसी को नगर निगम एवं किसी को नगरपालिका/नगर पंचायत में नियुक्त किया गया।
सघ ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग के सचिव महोदय को ज्ञापन में बताया है किआपके संदर्भार्थ वर्ष 2016 की भर्ती परीक्षा की मेरिट सूची की प्रति भी संलग्र है। उक्त मेरिट सूची से स्पष्ट हैकि जिन अधिकारियों को हाल ही में नगर निगम बिलासपुर में सहायक अभियंता पद पर पदोत्रत किया गया है, उनमें से अनेक अधिकारी मेरिट सूची में उन अधिकारियों से काफी नीचे स्थान पर चयनित हुए थे, जो वर्तमान में नगरपालिका एवं नगर पंचायत संवर्ग में कार्यरत है तथा आज भी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह अत्यंत पीड़ादायक एवं अन्यायपूर्ण स्थिति है कि एक ही परीक्षा, एक ही मेरिट सूची एवं एक ही विभाग से चयनित अधिकारियों में से केवल नगर निगम में पदस्थ अधिकारियों को पदोत्रति का लाभ प्राप्त हो रहा है, जबकि उनसे वरिष्ठ एवं मेरिट मेंउच्च स्थान रखने वाले अधिकारी लगभग दो दशकों से पदोत्रति से वंचित हैं। विभाग यदि समस्त तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार करे तो हाल ही में पदोत्रत किए गए अनेक अधिकारियों का स्थान लगभग 130वें क्रमांक के बाद आएगा। ऐसी स्थिति में उनसे वरिष्ठ एवं पदोन्नति हेतु पात्र 130 से अधिक अधिकारी आज भी पदोत्रति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अतः संपूर्ण विभाग के तकनीकी अधिकारियों की राज्य स्तरीय एकीकृत वरिष्ठता सूची तैयार कर वरिष्ठता के आधार पर पदोत्रति प्रदान की जाए।
यदि एकीकरण संभव नहीं है तो दोनों सेवाओं का पूर्ण पृथक्करण किया जाए संघ ने कहा है कि यदि नगर निगम अधिनियम एवं नगरपालिका अधिनियम की पृथक कानूनी व्यवस्थाओं के कारण दोनों सेवाओं का एकीकरण संभव नहीं है तो शासन स्तर पर आवश्यक विधायी संशोधन किया जाए। यदि विधायी संशोधन भी संभव न हो तो नगर निगम सेवा एवं नगरपालिका सेवा को पूर्णतः पृथक घोषित किया जाए। नगर निगम सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना नगरपालिका सेवा, संयुक्त संचालक कार्यालयों अथवा संचालनालय में न की जाए। क्योंकि प्रायः यह देखा गया है की कनिष्ठ अभियंताओ को नगर निगम में प्रमोशन देने के बाद उच्च कार्यालयों में पदस्थ कर दिया जाता है, और वरिष्ठ अभियंताओं को उनके अधीन कार्य करना पड़ता है। वर्तमान में यह स्थिति सुडा में कार्यरत सहायक अभियंताओ के साथ भी है, जो की 2016 के बैच है और नगर निगम से उनका प्रमोशन हो चूका है। और निकायों में पदस्थ उनसे वरिष्ठ अभियंताओ को उनके आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है। नगरपालिका सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना नगर निगम सेवा में न की जाए। वर्तमान में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है कि नगर निगम संवर्ग के कनिष्ठ अधिकारी शीघ्र पदोन्नति प्राप्त कर संचालनालय अथवा संयुक्त संचालक कार्यालयों में पदस्थ हो जाते हैं तथा नगरपालिका सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अपने ही कनिष्ठ पदोव्रत अधिकारियों के अधीन कार्य करने को विवश हो जाते हैं। वर्तमान
ल्क में अभियंता संवर्ग की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि अनेक स्थानों पर तकनीकी अधिकारियों को गैर-तकनीकी अधिकारियों के अधीन कार्य करना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थिति में अपने ही कनिष्ठ पदोत्रत अधिकारियों के अधीन कार्य करना सेवा न्याय एवं प्रशासनिक मर्यादा दोनों के प्रतिकूल है। अतः विभाग स्पष्ट रूप से निर्णय ले कि तकनीकी सेवा एक होगी अथवा पृथक होगी, किंतु वर्तमान मिश्रित एवं भेदभावपूर्ण व्यवस्था समाप्त की जाए। नगरपालिका सेवा में सहायक अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता के पर्याप्त पद स्वीकृत किए जाएं संघ ने मांग की है कि सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के पर्याप्त पद तत्काल सृजित किए जाएं। कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) के पद स्वीकृत किए जाएं।
विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित कर पात्र अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की जाए। 2013 में सेवा में भर्ती हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारियो को 2 बार पहोनती का लाभमिल चुका है। 2013 के पश्चात भर्ती हुए अनेकों क्लेरिकल स्टाफ को पद्दोनती का लाभ मिल चुका है। मात्र हम 2005, 2009 से 2013 बैच एवं 2016 बैच के अभियंता ही ऐसे है जिन्हें आज तक पडोनती का लाभ नहीं मिला है, और वर्तमान परिस्थितियों में मिलने की सम्भावना भी प्रतीत नहीं हो रही है। 2012 में सेवा में आये सहायक वर्ग 03 के कर्मचारी तक मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदोन्नति का लाभ ले चुके है।विभाग में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ तकनीकी पद लंबे समय से रिक्त हैं। अन्य विभागों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया के अनुरुप यदि निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण नहीं हो रही हो तो शासन द्वारा सेवा अवधि में शिथिलीकरण (Relaxation) प्रदान कर पदोत्रति की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। तकनीकी नेतृत्व के अभाव में विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा अभियंताओं का मनोबल लगातार गिर रहा है। उप अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य तकनीकी अधिकारी निर्माण कार्यों, गुणवत्ता नियंत्रण, परियोजना क्रियान्ययन एवं तकनीकी निरीक्षण का कार्य करते हैं। राजस्व वसूली उनका दायित्य नहीं है। अतः तकनीकी अधिकारियों का वेतन निकायों
की राजस्व वसूली से पृथक करते हुए शासन स्तर से प्रत्येक माह समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उप अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों की CR/APAR संबंधित संभागीय अधीक्षण अभियंता द्वारा लिखी जाए. अधीक्षण अभियंता द्वारा प्रतिवेदन सीधे संचालनालय को प्रेषित किया जाए। वर्तमान में प्रचलित मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं संयुक्त संचालक स्तर के गैर-तकनीकी मूल्यांकन चैनल को समाप्त किया जाए।
अभियंता वर्ग शासन की विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं आधारभूत संरचना निर्माण का प्रमुख स्तंभ है। अतः उनके पद, प्रतिष्ठा, कैरियर प्रगति एवं तकनीकी स्वायतता की रक्षा हेतु ठोस नीतिगत निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
संघ द्वारा की गई मांग………….
उपरोक्त विषयों पर विभागीय स्तर पर उच्च स्तरीय समिति गठित कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए तथा तकनीकी अधिकारियों को वर्षों से चली आ रही सेवा संबंधी विसंगतियों से राहत प्रदान करते हुए न्याय सुनिश्चित किया जाए। संघ ने उपरोक्त मांग के पत्र के साथ ही नगर निगम बिलासपुर द्वारा जारी सहायक अभियंता पदोत्रति आदेश की प्रति। वर्ष 2016 की चयन एवं मेरिट सूची की प्रति। संबंधित सेवा नियमों एवं अभिलेखों की प्रतियां। पदोत्रति से वंचित वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की सूची भी संलग्र करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है तथा उपरोक्त ज्ञापन विद्यानंद मधुकर यादव प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अर्बन इंजीनियर्स एसोसिएशन श्रीकांत मुरलीधरन प्रदेश उपाध्यक्ष। दुलेश्वर सोनभद्र सचिव एवंमनीष कुमार स्वर्णकार कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर से प्रेषित किया गया है।
विनोद गुप्ता-आरंग



