ज्ञान भारतम मिशन की बड़ी सफलता-आरंग में मिली 75 वर्ष पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि
आरंग।ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को आरंग में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। रविवार को सर्वेक्षण टीम ने आरंग के सुप्रसिद्ध आचार्य और यज्ञाचार्य नरेंद्र द्विवेदी के निवास से 75 वर्ष पुरानी कई अत्यंत दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि खोज निकाली है।इस अमूल्य पांडुलिपि में प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान का अनूठा संग्रह है, जो हमारे समृद्ध अतीत को उजागर करता है।आचार्य नरेंद्र के अनुसार, हस्तलिखित पन्नों में सिमटी यह पांडुलिपि ज्ञान का अनमोल खजाना है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों का समावेश जैसे प्राचीन वास्तु पूजा पद्धति, भवन निर्माण और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े प्राचीन नियम श्रीमद्भागवत का संक्षिप्त और मर्मस्पर्शी विश्लेषण,हिंदी साहित्य का इतिहास आदि इस ऐतिहासिक प्राप्ति पर गर्व व्यक्त करते हुए आचार्य नरेंद्र द्विवेदी ने कहा ये हमारे पूर्वजों की अमिट धरोहर है जिस पर हमें गर्व है ज्ञात हो कि यह हस्तलिखित पांडुलिपि उनके पिता स्व सरयू प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखी गई है।ज्ञान भारतम मिशन का यह गरिमामयी खोजी अभियान उच्च प्रशासनिक मार्गदर्शन और स्थानीय टीम के कड़े परिश्रम का परिणाम है। जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा का निर्देशन,नवाचारी शिक्षक अरविंद वैष्णव एवं महेंद्र पटेल की सहभागिता के साथ संकुल समन्वयक हरीश दीवान एवं महिला बाल विकास केसर द्विवेदी का सहयोग मिला।
विनोद गुप्ता-आरंग



