बड़ी खबर-खाद्य एवं औषधि प्रशासन की दबिश-संयुक्त टीम द्वारा आरंग में कास्मेटिक दुकानों की हुई सघन जाँच-नियमों के उल्लंघन पर दी गई कडी चेतावनी
आरंग।रायपुर औषधि प्रशासन के कॉन्सेप्ट को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए, ‘कार्यालय उप-संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायपुर की औषधि निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम ने आज आरंग क्षेत्र में विभिन्न प्रसाधन (Cosmetic) प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 की के तहत की गई।जांच अभियान के लिए औषधि निरीक्षकों की एक दल गठित की गई है, जिसमें टेकचंद धीरहे, ओम प्रकाश यादव, ईश्वरी नारायण सिंह, सुरेश कुमार साहू, श्रीमती प्रीति उपाध्याय और श्रीमती हंसा साहू औषधि निरीक्षक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला रायपुर छ०ग० शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने आरंग के मुख्य मार्ग और सदर बाजार की दुकानों में जाकर प्रसाधन सामग्रियों की गुणवत्ता और उनके कानूनी दस्तावेजों की कडियों को जोडा।

जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया उनमें शामिल हैं-कनक जनरल स्टोर प्रोप्राइटर संतोष गुप्ता की उपस्थिति में कॉस्मेटिक के प्रकारों की जाँच की गई और वैध बिलों के साथ ही व्यापार करने के निर्देश दिए गए। सरिता किराना स्टोर उमेश अग्रवाल के इस प्रतिष्ठान में इमामी, डाबर और पतंजलि जैसे ब्रांड्स के उत्पादों का सत्यापन किया गया। मानसी फैंसी स्टोर प्रसाधन उत्पादों के स्टॉक और भंडारण की स्थिति का जायजा लिया गया। शंकर फैंसी स्टोर विजय कुमार के फर्म में जाँच के दौरान निर्देश दिए गए कि केवल वैध परचेज इनवॉइस (Purchase Invoice) पर ही सामग्री खरीदें और रिकॉर्ड संधारित करें। रफिक जनरल स्टोर प्रोप्राइटर रफिक को कॉस्मेटिक उत्पादों की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के लिए गाइड किया गया। होलसेल फैशन बाजार अशोक गुप्ता की दुकान में भंडारण की स्थिति सही पाई गई, लेकिन बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर वाले उत्पादों को न बेचने की सख्त हिदायत दी गई। राकेश फैंसी स्टोर राकेश नामदेव की उपस्थिति में जाँच की गई यहाँ कोई भी आपत्तिजनक DMR (Drugs and Magic Remedies) उत्पाद नहीं मिला। निरीक्षण दौरान कुल 03 नमूना जॉच हेतु संकलन किया गया।
जाँच दल ने दुकानदारों को भविष्य में किसी भी वैधानिक त्रुटि से बचने के लिए निम्नलिखित मूल मंत्र दिए।

- ‘वैध बिल (Valid Invoice) प्रसाधन सामग्री केवल वैध लाइसेंस धारी निर्माता या थोक विक्रेता से ही खरीदें।
- DMR एक्ट का पालन ऐसी कोई भी क्रीम या औषधि न बेचें जो ‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (DMR)’ श्रेणी में आती हो और कॉस्मेटिक के नाम पर बेची जा रही हो।
- ‘पारदर्शिता’ हर उत्पाद पर बैच नंबर और निर्माण लाइसेंस नंबर होना अनिवार्य है। कॉस्मेटिक दुकानो के संचालकर्ताओं को निरीक्षण दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि कोई भी अंग्रेजी औषधि युक्त कीम, आइंटमेंट आदि का अपने फर्म में संधारण न करें और न ही क्रय-विक्रय करें।जाँच दल ने बताया कि यह निरीक्षण अभियान केवल एक टेस्ट नहीं था, बल्कि बाजार में शुद्धता और पारदर्शिता का सॉल्यूशन सुनिश्चित करने की एक प्रक्रिया थी। विभाग द्वारा इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड न हो सके।
विनोद गुप्ता-आरंग


