बड़ी खबर-आरंग और महानदी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा-गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले- लोगो को राहत शिविर में किया गया शिफ्ट
आरंग। आरंग और महानदी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। धमतरी स्थित गंगरेल बांध के 100 प्रतिशत भर जाने और कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते इसके सभी 14 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। बांध से महानदी में लगभग 2 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे तटवर्ती गाँवों में पानी घुसने की बड़ी खबर सामने आई है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। आरंग की एसडीएम अभिलाषा पैकरा ने बताया कि लगभग 100 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम गोईदा में प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए साहू भवन को राहत शिविर बनाया गया है, जहाँ उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था की जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि 2.00 बजे से ग्राम पंचायत निसदा में बाढ़ की पानी मुख्य मार्ग से लगे दोनों किनारों की लगभग 100 घरों में पानी घुस गए ।जिससे प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर कर सुबह ग्राम पंचायत निसदा द्वारा स्कूल शेड स्कूलपारा व सामुदायिक भवन भाटापारा में नाश्ता खाना, रहने की व्यवस्था की गई।सुचना मिलते ही सुबह जनपद पंचायत की समस्त अमला जिसमें सीईओ जनपद पंचायत आरंग , तहसीलदार , असिस्टेंट सीईओ, एडीओ,तथा सब इंजीनियर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह है कि फिलहाल इस आपदा में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।25 सितंबर 2026 की इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ग्राम निसदा गोइंदा बनचरोदा सहित निचले इलाकों में लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
विनोद गुप्ता-आरंग



