रसनी में दिखा अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संगम-बरसते पानी में RSS का पथ संचलन-इतने गांवों के स्वयंसेवकों ने किया शस्त्र पूजन
आरंग। विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, आरंग खंड के रसनी मंडल अंतर्गत ग्राम रसनी में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। 29 अक्टूबर को तेज बारिश के बावजूद स्वयंसेवकों के कदम नहीं थमे और उन्होंने बरसते पानी में पूरे अनुशासन व उत्साह के साथ कदमताल किया।रसनी मंडल के आसपास के लगभग 12 गांवों से पहुंचे पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने मानस भवन से संचलन प्रारंभ किया। कंधे पर दंड (लाठी) धारण किए जब स्वयंसेवक कतारबद्ध होकर गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरे, तो ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान वातावरण ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा।संचलन के पश्चात मानस भवन में मुख्य बौद्धिक एवं शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोहर सिंह चंद्राकर, मुख्य वक्ता के रूप में मुकेश साहू तथा अध्यक्षता भरत चंद्राकर ने की। अतिथियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा विधिवत शस्त्र पूजन किया गया।मुख्य वक्ता मुकेश साहू ने अपने उद्बोधन में संघ की स्थापना, गौरवशाली इतिहास, पूज्य गुरुजी के विचारों और संघ के 100 वर्षों की राष्ट्र-सेवा यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ के आयामों को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य को निरंतर, निर्बाध और पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहें।संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस सभा में स्वयंसेवकों ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के कार्य को गति देने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि भारत को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने के ध्येय को लेकर संघ इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर अग्रसर रहेगा।इस अवसर पर प्रमुख रूप से संजीव देवदास, छबिराम साहू, पोखराज साहू, शिवनारायण साहू, उमाशंकर चंद्राकर, अवध विश्वकर्मा, अंगत साहू, मोहित चंद्राकर, भेखलाल साहू, दिगेश चंद्राकर, सिद्धार्थ साहू सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और प्रबुद्ध ग्रामवासी उपस्थित रहे।
विनोद गुप्ता-आरंग



