जोरातराई में सजा पशु मेला, उन्नत पशुपालन का दिखा उत्साह…..

प्रतियोगिता में गाय, भैंस से लेकर बकरी, मुर्गी, बतख और बटेर तक ने लिया हिस्सा, उत्कृष्ट पशुपालक हुए सम्मानित…..
बागबाहरा। जनपद पंचायत बागबाहरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत जोरातराई भीमखोज में विकासखंड स्तरीय पशु मेला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मेले में क्षेत्रभर से पहुंचे पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। विभिन्न नस्लों और श्रेणियों के पशु पक्षियों की प्रदर्शनी ने आयोजन को खास बनाया। प्रतियोगिता में दुधारू गाय, भैंस, उन्नत बछिया, बैल, बकरा बकरी, मुर्गी, बतख और बटेर सहित अलग अलग वर्गों में पशुओं का प्रदर्शन किया गया। मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत बागबाहरा के अध्यक्ष केशव नायकराम चंद्राकर रहे। वहीं अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर तथा विशेष अतिथि जनपद सदस्य बलराम ध्रुव, सरपंच भेखराम बघेल, खल्लारी के पूर्व सरपंच रामलाल सिन्हा, भीमखोज के पूर्व सरपंच प्रमोद चंद्राकर और उपसरपंच सुरेश पटेल मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केशव नायक राम चंद्राकर ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्नत नस्ल के पशुओं को अपनाकर पशुपालक अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से पशुपालकों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने पशुपालकों को पशुओं की नियमित देखभाल, बेहतर पशुपालन पद्धति और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि पशुपालन किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने पशुपालकों से शासन की योजनाओं का लाभ उठाने के साथ उन्नत नस्ल और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने की अपील की।
23 हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिली उन्नत नस्ल की गाय……
कार्यक्रम में नीति आयोग दिल्ली के अंतर्गत विकासखंड बागबाहरा के 23 हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत नस्ल की गाय प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत पशुपालन से जोड़ने के साथ दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आय को बढ़ावा देना है।
आयोजन में उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. अंजना नायडू, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आधार घृतलहरे, डॉ. आर जी यादव, डॉ. चौधरी सहित पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के पशुपालक उपस्थित रहे।
जोरातराई का यह पशु मेला केवल प्रतियोगिता और प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्नत नस्ल, वैज्ञानिक पशुपालन और सरकारी योजनाओं के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संदेश भी दे गया।
