पंचायत सम्मेलन में सरपंचों ने साझा किए ग्राम विकास के नवाचार-जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के सफल मॉडल प्रस्तुत
रायपुर।07 अगस्त 2026/ जिला पंचायत रायपुर द्वारा ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा में जिले के सरपंचों का एक दिवसीय पंचायत सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), जल एवं भूमि प्रबंधन, पंचायतों से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों में किए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई।जनपद पंचायत अभनपुर के ग्राम सोनेसिली के सरपंच श्री अजय कुमार साहू ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत ने 126 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग वृक्षारोपण, खेल मैदान और चारागाह विकास के लिए किया जा रहा है, जबकि 5 एकड़ भूमि सामाजिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई है। सरपंच हेमंत वर्मा ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत किए गए जल संरक्षण कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इनके माध्यम से 72 एकड़ क्षेत्र को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के रूप में संरक्षित किया गया है, जहां 108 प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए पक्षी विहार विकसित किया जा रहा है। इससे जैव विविधता संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल से महिला स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है तथा जनभागीदारी से तालाबों की नियमित साफ-सफाई की जा रही है।जनपद पंचायत तिल्दा के ग्राम गौरखेड़ा की सरपंच श्रीमती तुलेश्वरी यादव ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत को महिला हितैषी पंचायत घोषित किया गया था, जिसके लिए उन्हें नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। ग्राम में नशामुक्ति, स्वच्छता एवं टीकाकरण अभियान के साथ महिलाओं को आटा चक्की, मुर्गीपालन, बकरीपालन और किराना दुकान जैसे स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।जनपद पंचायत आरंग के ग्राम कठिया की सरपंच श्रीमती त्रिवेणी वर्मा ने बताया कि पंचायत द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर उनके संरक्षण एवं सतत उपयोग के लिए ग्राम स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। पेड़ों के संरक्षण, चरागाह विकास और जल स्रोतों के संवर्धन जैसे कार्यों को ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है। ग्राम तूता के सरपंच श्री भरत बैस ने बताया कि ग्रामवासियों के सहयोग से 1500 ग्राफ्टेड आम के पौधों के साथ गेंदा की खेती की जा रही है। गांव में अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी कर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पंचायत द्वारा मैरिज हॉल, गार्डन तथा युवाओं के कौशल विकास से जुड़े विभिन्न कार्य भी किए जा रहे हैं।ग्राम तोरला के सरपंच ओमकार प्रसाद बंजारे ने भी अपने गांव में संचालित स्वच्छता एवं नशामुक्ति अभियान की जानकारी साझा करते हुए जनभागीदारी से किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्राम विकास में नवाचार, जनसहभागिता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सतत विकास का आधार बताते हुए अपने अनुभव साझा किए।
विनोद गुप्ता-आरंग



