सरहद के रक्षकों को स्कूली बहनों का मिलेगा स्नेह-छात्राओं ने सैनिकों के लिए भेजीं हस्तनिर्मित राखियाँ
आरंग। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पूर्व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखौली की छात्राओं ने सीमा पर तैनात देश के वीर जवानों के लिए अनूठी पहल की है। छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार की गई खूबसूरत राखियाँ और शुभकामना संदेश सरहद पर मुस्तैद जवानों के लिए रवाना किए हैं।छात्राओं ने पारंपरिक कलावे, रंग-बिरंगे धागों और मोतियों का उपयोग कर आकर्षक राखियाँ बनाई हैं। राखियों के साथ उन्होंने जवानों के नाम भावुक और प्रेरणादायक पत्र भी लिखे हैं। इन पत्रों में छात्राओं ने जवानों की लंबी उम्र की कामना करते हुए लिखा कि आपके सीमा पर तैनात रहने के कारण ही हम सब अपने घरों में सुरक्षित होकर त्योहार मना पाते हैं।लद्दाख, कारगिल और सियाचिन जैसे सुदूर बॉर्डर क्षेत्रों में तैनात जवानों तक रक्षाबंधन से पूर्व राखियाँ पहुँच सकें, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षा विभाग के विशेष माध्यम से राखियों के पैकेट जिला शिक्षा कार्यालय को सौंपे गए हैं। इस दौरान विद्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘सैनिक भाई अमर रहें’ के गगनभेदी नारों से गूँज उठा।विद्यालय की प्राचार्य राज्यश्री गुप्ता ने छात्राओं के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि हमारे सैनिक भाई त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहते हैं। छात्राओं द्वारा भेजी गई ये राखियाँ उन्हें घर की कमी महसूस नहीं होने देंगी। इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में देशप्रेम और कृतज्ञता की भावना जागृत होती है। विद्यालय प्रबंधन ने इस सराहनीय प्रयास के लिए सभी छात्राओं एवं शिक्षिकाओं की प्रशंसा की है।
विनोद गुप्ता-आरंग



