स्केटिंग रोलर शू पहनकर भारत भ्रमण पर निकला युवा पहुंचा खल्लारी, मां खल्लारी के दर्शन कर डोंगरगढ़ के लिए हुआ रवाना

खल्लारी। देशभर के युवाओं में इन दिनों भारत भ्रमण और धार्मिक तीर्थों के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कोई पैदल, कोई साइकिल तो कोई अलग-अलग माध्यमों से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (सिद्धार्थनगर क्षेत्र) निवासी 24 वर्षीय मुन्नार निषाद स्केटिंग रोलर शू पहनकर भारत दर्शन यात्रा पर निकले हैं। अपनी यात्रा के दौरान वे महासमुंद जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां खल्लारी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन कर क्षेत्रवासियों का स्नेह प्राप्त किया।शनिवार को खल्लारी पहुंचे मुन्नार निषाद ने भगवान शंकर मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम किया।

रविवार को मां खल्लारी और चंडी माता के दर्शन करने के बाद वे अपनी अगली यात्रा के लिए डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हो गए।खल्लारी पहुंचने पर बागबाहरा ब्लॉक सरपंच संघ अध्यक्ष एवन साहू, खल्लारी सरपंच पुष्पेंद्र कुमार साहू, उपसरपंच तारेश साहू, वैष्णव समाज के जिला कोषाध्यक्ष रमनदास वैष्णव, विकासदास वैष्णव, छगन चौहान, रणबीर ठाकुर, गोविंद यादव, पंकज ध्रुवंशी, मनीष पांडेय, गुलशन ठाकुर, निहाल दिवान, गुलाब ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, युवाओं और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।11 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी, लक्ष्य 20 हजार किलोमीटरमुन्नार निषाद ने बताया कि वे सितंबर 2025 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भारत दर्शन यात्रा पर निकले थे।

अब तक वे करीब 11 हजार किलोमीटर की दूरी स्केटिंग रोलर शू के माध्यम से तय कर चुके हैं। उनका लक्ष्य 20 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी करना है, जिसमें लगभग दो वर्ष का समय लगेगा।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान वे बस्तर संभाग के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। महासमुंद जिले में मां खल्लारी और चंडी माता के दर्शन के बाद वे डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान वे रास्ते में आने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन-पूजन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। रात्रि विश्राम वे मंदिर परिसरों और धर्मशालाओं में करते हैं।तिरंगा और हनुमान ध्वज के साथ दे रहे राष्ट्रभक्ति का संदेशमुन्नार निषाद अपने कंधे पर लगभग 10 किलो का बैग लेकर यात्रा कर रहे हैं। उनके हाथों में देश का तिरंगा और भगवान हनुमान का ध्वज रहता है। उनकी अनोखी यात्रा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विभिन्न स्थानों पर लोग उनके साथ सेल्फी ले रहे हैं, गले मिलकर उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके साहस एवं राष्ट्रभक्ति की सराहना कर रहे हैं। उनकी यह अनूठी भारत दर्शन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
