सर्वेक्षण में यहॉ मिला 91 वर्ष पुराना दुर्लभ रामचरितमानस पोथी और हस्तलिखित उपन्यास-एसडीएम ने किया अवलोकन
आरंग।जिला कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आरंग क्षेत्र में ‘ज्ञानभारतम मिशन’ अभियान के तहत ऐतिहासिक और साहित्यिक धरोहरों को सहेजने का एक अनूठा और सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में आरंग के अग्रवाल पारा निवासी डॉ. संतोष अग्रवाल के निवास पर दशकों पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिनका प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष रूप से अवलोकन कर टीम का उत्साहवर्धन किया।सर्वे अभियान के दौरान डॉ. संतोष अग्रवाल के यहां उनके दादा स्वर्गीय सहदेव साव एवं स्वर्गीय गोविंद साव के समय की 91 वर्ष पुरानी दुर्लभ रामचरितमानस पोथी और ठग की स्वीकारोक्ति’ नामक हस्तलिखित उपन्यास की ऐतिहासिक पांडुलिपि सुरक्षित मिली।इस विशेष उपलब्धि की जानकारी मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिलाषा पैकरा एवं जनपद पंचायत सीईओ अभिषेक बनर्जी ने मुस्कान प्रिंटर्स स्थित उनके निवास स्थल पर पहुंचकर इन दुर्लभ धरोहरों का अत्यंत बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने अधिकारियों को अपने परिवार में पीढ़ियों से सुरक्षित व पूजित 150 वर्ष पुराने भगवान ठाकुर जी के विग्रह के भी दर्शन कराए, जिसे देखकर अधिकारी भावविभोर हो उठे।एसडीएम अभिलाषा पैकरा ने कई पीढ़ियों पुरानी इन दुर्लभ धरोहरों और स्मृतियों को सहेज कर रखने के लिए अग्रवाल परिवार की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने ‘ज्ञानभारतम मिशन’ के अंतर्गत घर-घर जाकर इस अनूठी साहित्यिक संपदा को खोज निकालने वाले नवाचारी सर्वे शिक्षकों के प्रयासों की पीठ थपथपाई।ज्ञानभारतम मिशन के तहत इस गौरवशाली खोज को अमलीजामा पहनाने वाली सर्वे टीम में मुख्य रूप से शिक्षक गण अरविंद कुमार वैष्णव, महेंद्र कुमार पटेल, शीला गुरु गोस्वामी एवं अजय ध्रुव ( नगर पालिका) एवं पारिवारिक गण अमिताभ अग्रवाल,स्वाति अग्रवाल , मुस्कान अग्रवाल की सहभागिता रही।
विनोद गुप्ता-आरंग



