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रात के अंधेरे में रेत की लूट-घाटों पर अवैध रेत खनन-प्रशासन की खामोशी पर सवाल

रात के अंधेरे में रेत की लूट-घाटों पर अवैध रेत खनन-प्रशासन की खामोशी पर सवाल

आरंग। छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा मानी जाने वाली महानदी अब रेत माफियाओं के लालच का शिकार बनती नजर आ रही है। रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में चिखली, कुरूद और हरदीडीह रेत घाटों पर रातभर भारी मशीनों से अवैध रेत उत्खनन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम 07 बजे के बाद नदी में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद, आधी रात के बाद जेसीबी जैसी मशीनें नदी में उतरती हैं और हाईवा ट्रकों की कतारें सैकड़ों ट्रिप रेत लेकर निकल जाती हैं।
NGT नियमों की खुली उल्लंघना…
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइंस 2016 तथा एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइंस 2020 के अनुसार, नदी में रेत खनन शाम 7 बजे के बाद पूरी तरह प्रतिबंधित है। रात में खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि बाढ़ सुरक्षा, नदी के तट और अंतिम संस्कार स्थलों को भी खतरे में डालता है। ग्रामीणों ने मोबाइल से रिकॉर्ड किए वीडियो और फोटो में मशीनों से रेत खोदते हुए साफ दिखाया है, लेकिन खनिज विभाग, पुलिस और निगरानी दस्ते की ओर से कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
धार्मिक आस्था पर भी चोट….
स्थानीय निवासियों का कहना है कि महानदी को “माँ” मानकर पूजा-अर्चना की जाती है। रेत माफियाओं की वजह से नदी के तट और पूजा स्थलों के आसपास की जमीन क्षतिग्रस्त हो रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। ग्रामीणों का डर है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो महानदी का स्वरूप ही बदल जाएगा और क्षेत्र की जल सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
आम आदमी पार्टी नेता की शिकायत
इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए आम आदमी पार्टी के नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानंद जांगड़े ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, खनिज साधन विभाग और रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने मांग की है कि-महानदी घाटों पर अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष जांच हो।रात्रिकालीन खनन पर तत्काल सख्त रोक लगाई जाए।
अवैध खनन पर रॉयल्टी एवं जुर्माना वसूला जाए।जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और पट्टाधारकों पर कड़ी कार्रवाई हो।
पर्यावरणीय एवं राजस्व नुकसान….
अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को गहरा नुकसान हो रहा है, बल्कि राज्य को लाखों-करोड़ों रुपये का राजस्व भी चूक रहा है। हाल के महीनों में महानदी और खारुन नदियों में अवैध खनन के कई मामले सामने आए हैं, जिन पर NGT ने भी संज्ञान लिया है।
बड़ा सवाल_
क्या “माँ महानदी” जो सदियों से इस क्षेत्र को जीवन देती आई है, अब रेत माफियाओं के हाथों लुट जाएगी? या फिर प्रशासन इस बार सख्त कदम उठाकर नदी को बचाएगा? ग्रामीण अब न्याय और कार्रवाई की उम्मीद में हैं।
विनोद गुप्ता-आरंग

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